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Supreme Court: पोर्नोग्राफी, यौन अपराध से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इन्कार, पढ़ें क्या है पूरा मामला
Tue, 13 Sep 2022 05:19 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 13 Sep 2022 05:19 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार के पास इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए पहले से ही पर्याप्त कानूनी तरीके मौजूद हैं।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पोर्नोग्राफी व यौन अपराधों के बीच संबंध के अध्ययन की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। भाजपा के प्रवक्ता नलिन कोहली की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई से इन्कार करते हुए प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित और न्यायमूर्ति एसआर भट की पीठ ने कहा, हमें यहां बहुत सावधानी से चलना होगा, क्योंकि आप जिस चीज की वकालत कर रहे हैं वह आखिर में एक किस्म की निगरानी और डाटा जमा करने से जुड़ा है। जबकि, सरकार के पास इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए पहले से ही पर्याप्त कानूनी तरीके मौजूद हैं।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उद्धरण देते हुए जस्टिस भट ने कहा, इंटरनेट पर पाबंदी को लेकर इसी तरह के एक मामले में एक जज ने कहा था कि हवन करने के लिए हाथ नहीं जलाए जा सकते। पीठ ने कहा कि यह जंगली बाघ को इंसानी बस्ती में खुले छोड़ने जैसा है, बाद में इसे नियंत्रित कौन करेगा?
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इस दौरान कोहली ने असम के एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि छह साल की दुष्कर्म की पीड़िता के मामले में पोर्नोग्राफी और यौन हमले के बीच सीधा संबंध पाया गया था। इसपर अदालत ने कहा कि बाल अश्लील सामग्री अपने आप में अपराध है। अदालत के फैसले लागू करने योग्य होने चाहिए।
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