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सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद-370 पर जल्द सुनवाई की मांग पर विचार को तैयार
Tue, 19 Feb 2019 04:20 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 19 Feb 2019 04:20 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट सोमवार को संविधान के अनुच्छेद-370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की मांग पर विचार करने को तैयार को गया है। भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने भी याचिका दायर की है। अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष उपाध्याय ने इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मसला देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस पर चीफ जस्टिस ने उपाध्याय को मेमो रजिस्ट्रार को देने का निर्देश देते हुए कहा कि हम इस पर विचार करेंगे।
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अनुच्छेद-370 की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में कहा गया कि अनुच्छेद-370 अस्थायी प्रावधान था, जो वर्ष 1957 में राज्य की संविधान सभा के भंग होने के साथ ही खत्म हो गया। सवाल यह है कि 26 जनवरी, 1957 के संविधान सभा के भंग होने के साथ ही अस्थायी प्रावधान खुद ब खुद खत्म होना चाहिए या नहीं?
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याचिकाओं में सवाल उठाया गया है कि अनुच्छेद-370 के अस्थायी प्रावधान को बिना राष्ट्रपति या संसद या केंद्र सरकार की मंजूरी के आगे कैसे जारी रखा जा सकता है? यह संविधान के मूल ढांचे के साथ धोखा है। साथ ही यह देश की संप्रभुता, अखंडता, एकता के खिलाफ है।