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लोगों की हेल्थ ज्यादा जरूरी, नहीं बिकेंगे 8.24 लाख वाहन: सुप्रीम कोर्ट
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र
Updated Thu, 30 Mar 2017 05:48 AM IST
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देश के करीब 8.24 लाख बीएस (भारत स्टेज)-3 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने BS-III वाहनों की बिक्री पर एक अप्रैल से रोक लगा दी है।
ऑटो कंपनियों का कहना है कि उनके स्टॉक में 8 लाख 24 हजार बीएस-तीन वाहन हैं। इनमें से 671308 दोपहिया वाहन, 40048 तिपहिया, 96724 व्यावसायिक वाहन और 16198 कारें हैं। ऑटो कंपनियों ने पीठ से गुहार लगाई कि उन्हें छह-सात महीने का वक्त दिया जाए, वे अपने स्टॉक को निकाल लेंगे।
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सरकार भी ऑटो कंपनियों के पक्ष में है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करते हुए कहा है कि बीएस-4 प्रभावी होने के बाद भी बीएस-3 की बिक्री की इजाजत दी जाए। सरकार का कहना है कि एक अप्रैल के बाद बीएस-3 वाहनों के उत्पादन पर पाबंदी है न कि बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर।
सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने पीठ के समक्ष कहा था कि वर्ष 2005 और 2010 में भी नए उत्सर्जन मानक को जरूरी किया गया था लेकिन बावजूद इसके कंपनियों को पुराने स्टॉक को बिक्री की इजाजत दी गई थी।
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#FLASH Supreme Court orders that BS-III vehicles will not be sold from 1 April onwards pic.twitter.com/aWGayyg66j
— ANI (@ANI_news) March 29, 2017विज्ञापन
ऑटो कंपनियों का कहना है कि उनके स्टॉक में 8 लाख 24 हजार बीएस-तीन वाहन हैं। इनमें से 671308 दोपहिया वाहन, 40048 तिपहिया, 96724 व्यावसायिक वाहन और 16198 कारें हैं। ऑटो कंपनियों ने पीठ से गुहार लगाई कि उन्हें छह-सात महीने का वक्त दिया जाए, वे अपने स्टॉक को निकाल लेंगे।
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सरकार भी ऑटो कंपनियों के पक्ष में है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करते हुए कहा है कि बीएस-4 प्रभावी होने के बाद भी बीएस-3 की बिक्री की इजाजत दी जाए। सरकार का कहना है कि एक अप्रैल के बाद बीएस-3 वाहनों के उत्पादन पर पाबंदी है न कि बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर।
सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने पीठ के समक्ष कहा था कि वर्ष 2005 और 2010 में भी नए उत्सर्जन मानक को जरूरी किया गया था लेकिन बावजूद इसके कंपनियों को पुराने स्टॉक को बिक्री की इजाजत दी गई थी।