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नीट में ऊपरी आयुसीमा तय करने के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र, सीबीएसई व एमसीआई को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:22 AM IST
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नीट परीक्षा
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नेशनल इलिजिबिलिटी इंटरेंस टेस्ट (एनईईटी) में सामान्य श्रेणी के लिए ऊपरी उम्रसीमा 25 वर्ष और एससी-एसटी केलिए अधिकतम 30 वर्ष तय किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने जलालउद्दीन सहित अन्य की याचिका पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए केंद्र, सीबीएसई और एमसीआई को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमरेन्दर शरण ने पीठ के समक्ष कहा कि ऊपरी आयुसीमा निर्धारित करना विशेषज्ञ समिति की पूर्व सिफारिशों केविपरीत है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की इजाजत देने से प्रतियोगी परीक्षा का स्तर बढ़ेगा। साथ ही अच्छे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। पीठ ने कहा कि यह नीतिगत मामला है और यह सरकार केअधिकार क्षेत्र में है। हालांकि पीठ ने मसले का परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए सुनवाई 10 जुलाई तक केलिए टाल दी।
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वहीं सुप्रीम कोर्ट ने ऊपरी आयुसीमा से अधिक वाले अभ्यर्थियों के रिजल्ट जारी करने को लेकर सीबीएसई को किसी तरह का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए नीट-2018 में ऐसे छात्रों को बैठने की इजाजत दी थी। पीठ ने कहा कि इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट इस मसले के अंतिम आदेश पर निर्भर होगा।
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न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने जलालउद्दीन सहित अन्य की याचिका पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए केंद्र, सीबीएसई और एमसीआई को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमरेन्दर शरण ने पीठ के समक्ष कहा कि ऊपरी आयुसीमा निर्धारित करना विशेषज्ञ समिति की पूर्व सिफारिशों केविपरीत है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की इजाजत देने से प्रतियोगी परीक्षा का स्तर बढ़ेगा। साथ ही अच्छे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। पीठ ने कहा कि यह नीतिगत मामला है और यह सरकार केअधिकार क्षेत्र में है। हालांकि पीठ ने मसले का परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए सुनवाई 10 जुलाई तक केलिए टाल दी।
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वहीं सुप्रीम कोर्ट ने ऊपरी आयुसीमा से अधिक वाले अभ्यर्थियों के रिजल्ट जारी करने को लेकर सीबीएसई को किसी तरह का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए नीट-2018 में ऐसे छात्रों को बैठने की इजाजत दी थी। पीठ ने कहा कि इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट इस मसले के अंतिम आदेश पर निर्भर होगा।