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पूर्व BCCI अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और निरंजन शाह को सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
amarujala.com- Presented By: अभिषेक निगम
Updated Fri, 14 Jul 2017 04:44 PM IST
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पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व सचिव निरंजन शाह को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की विशेष आम सभा (एसजीएम) में बतौर राज्य प्रतिनिधि हिस्सा लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बिना शर्त के माफी स्वीकार कर ली है।
पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व सचिव निरंजन शाह के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में हाई ड्रामे होने की उम्मीद थी और ऐसा ही हुआ भी। इसके अलावा श्रीनिवासन और शाह को अपने निजी हितों के कारण लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू नहीं करने में शामिल भी पाया गया है, जिसकी वजह से भारतीय क्रिकेट बोर्ड ऐसा संगठन नहीं बन पा रहा है जो पारदर्शी हो।
श्रीनिवासन ने 70 वर्ष की उम्र सीमा पार कर ली है, जिसकी वजह से उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करते हुए बोर्ड की 7 मई और 26 जून को हुई विशेष आम सभा (एसजीएम) में हिस्सा लिया।
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शाह भी उम्रदराज हैं और कई क्रिकेट प्रशंसकों को ये जानकर हैरानी होगी कि खेल को सही तरह से चलाने के लिए उन्हें लोढ़ा द्वारा सुझाए सुधारों के लिए समिति में शामिल किया गया था।
लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नहीं मानने का असर प्रशासकों को तब देखने को मिला जब सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को उनके पदों से हटा दिया।
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पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व सचिव निरंजन शाह के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में हाई ड्रामे होने की उम्मीद थी और ऐसा ही हुआ भी। इसके अलावा श्रीनिवासन और शाह को अपने निजी हितों के कारण लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू नहीं करने में शामिल भी पाया गया है, जिसकी वजह से भारतीय क्रिकेट बोर्ड ऐसा संगठन नहीं बन पा रहा है जो पारदर्शी हो।
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श्रीनिवासन ने 70 वर्ष की उम्र सीमा पार कर ली है, जिसकी वजह से उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करते हुए बोर्ड की 7 मई और 26 जून को हुई विशेष आम सभा (एसजीएम) में हिस्सा लिया।
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शाह भी उम्रदराज हैं और कई क्रिकेट प्रशंसकों को ये जानकर हैरानी होगी कि खेल को सही तरह से चलाने के लिए उन्हें लोढ़ा द्वारा सुझाए सुधारों के लिए समिति में शामिल किया गया था।
लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नहीं मानने का असर प्रशासकों को तब देखने को मिला जब सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को उनके पदों से हटा दिया।