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सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को दिया ताजमहल विजन डॉक्यूमेंट्स सौंपने के लिए चार हफ्ते का समय
Wed, 13 Feb 2019 09:54 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 13 Feb 2019 09:54 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार को चार हफ्ते में ताजमहल के संरक्षण को लेकर तैयार विजन डॉक्यूमेंट्स सौंपने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यूपी सरकार विजन डॉक्यूमेंटस को छिपा नहीं सकती और न ही उसमें कुछ बदलाव कर सकती। मालूम हो कि विजन डॉक्यूमेंट्स स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के द्वारा तैयार किया गया है। न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यूपी सरकार द्वारा अब तक विजन डॉक्यूमेंट्स की प्रति मुहैया नहीं कराने पर नाराजगी जताई।
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पीठ ने कहा कि हमने पहले भी विजन डॉक्यूमेंट्स सौंपने के लिए कहा था लेकिन अब तक क्यों नहीं सौंपा गया। यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल एश्वर्या भाटी ने पीठ ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट्स पर विचार चल रहा है। इस पर पीठ ने कहा आप विजन डॉक्यूमेंट्स में छिपा नहीं सकते। साथ ही आप इसमें बदलाव नहीं कर सकते। यह अलग बात है कि आप चाहे तो इस पर अपना सुझाव दे सकते हैं। पीठ ने यूपी सरकार को चार हफ्ते में विजन डॉक्यूमेंट्स सौंपने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट्स देखने के बाद आगे कवायद की जाएगी।
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सुनवाई के दौरान आगरा में कचड़े के निपटारे का मामला भी उठा। इस पर पीठ ने सवाल किया कि आखिर इससे ताजमहल पर क्या असर पड़ेगा। पीठ ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट्स को देखने के बाद इस पर विचार किया जाएगा। वहीं सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी निर्माण कार्य का मामला उठा। जिस पर पीठ ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड को को इस पर विचार करने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि हम किसी एजेंसी के काम केखिलाफ नहीं बल्कि यह मसला लोकशन का है। यह देखने की जरूरत है कि इससे ताज पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा।
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सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने कहा कि अब तक उसे यूपी सरकार की ओर से ताजमहल के आसपास के हिस्से को हैरिटेज बनाने को लेकर प्रस्ताव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार से प्रस्ताव आने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है। इस पर यूपी सरकार ने कहा कि अहमदाबाद की सेंटर फॉर इंवॉयरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी इस पर विचार कर रही है और इसमें कुल 24 हफते का वक्त लगेगा। लिहाजा पीठ ने यूपी सरकार को आठ हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट पेश करने केलिए कहा है। सुनवाई के दौरान लोकनिर्माण विभाग ने वहां फ्लाईओवर बनाने का मसला भी उठाया। जिस पर पीठ ने कहा क विजन डॉक्यूमेंट्स आने केबाद इस पर विचार किया जाएगा।