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सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया जान्सन एंड जान्सन के खिलाफ गलत हिप इम्प्लांट का मामला
Fri, 11 Jan 2019 02:14 PM IST
Shani Mishra
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Fri, 11 Jan 2019 02:14 PM IST
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johnson and johnson
सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका स्थित फार्मा कंपनी जान्सन एंड जान्सन के खिलाफ मरीजों के त्रुटिपूर्ण कूल्हे के प्रत्यारोपण का मामला शुक्रवार को यह कहते हुये बंद कर दिया कि केन्द्र ने उन्हें 1.22 करोड़ रूपए तक मुआवजा दिलाने के लिये कदम उठाये हैं।
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प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने इस मामले में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जवाब पर विचार किया। मंत्रालय ने कहा कि उसने मुआवजे की एक योजना तैयार की है ताकि त्रुटिपूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण के पीड़ितों के लिये उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके।
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शीर्ष अदालत ने अरूण गोयनका की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुये केन्द्र से कहा कि मुआवजा योजना का व्यापक प्रचार किया जाये ताकि ऐसे प्रत्यारोपण के शिकार सभी पीड़ित अपनी समस्याओं के लिये मदद ले सकें।
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इससे पहले, केन्द्र ने न्यायालय को सूचित किया था कि कथित त्रुटिपूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण के बारे में उसकी समिति की रिपाोर्ट तैयार है और एक सप्ताह के भीतर उसे पेश कर दिया जायेगा।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि 2005 से कूल्हे की सर्जरी कराने वाले 4525 भारतीय मरीजों के शरीर में त्रुटिपूर्ण और घातक कृत्रिम कूल्हों का प्रत्यारोपण किया गया है।