रोहिंग्या केस: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, दिया चार हफ्तों का समय
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से रोहिंग्या शरणार्थियों के मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में आज हुई सुनवाई में केंद्र को यह निर्देश जारी किए गए। शीर्ष अदालत ने इसके लिए सरकार को चार हफ्तों का समय दिया है।
रोहिंग्या शरणार्थियों को देश में रखा जाना सही है या नहीं सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर रहा है।
मामले में रोहिंग्या शरणार्थियों की ओर से पेश हुए ऐडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा कि रोहिंग्याओं के साथ कथित रूप से भेदभाव किया जा रहा है। वहीं केंद्र की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि यह गलत धारणा है, उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है।'
Rohingya refugees case: Supreme Court today asked Centre to reply with comprehensive data within four weeks on as to how many Rohingya refugees are staying in Haryana's Mewat and Faridabad camps and what kind of basic necessities they are being provided.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 9, 2018
रोहिंग्याओं के मौजूदा हालात पर मांगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के मेवात और फरीदाबाद कैम्प में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में सरकार से जानकारी भी मांगी है। इन कैम्पों में रह रहे शरणार्थियों को क्या-क्या बुनियादी सुविधाएं दी जा रही है स्टेटस रिपोर्ट में यह भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।