फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Success stories of some common people told by PM Narendra Modi in Mann Ki Baat

मन की बात : सलमान, काम्या, इस्माइल और पूर्णिया की महिलाओं ने हौसलों से किया कमाल

Mon, 24 Feb 2020 04:06 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 24 Feb 2020 04:06 AM IST
विज्ञापन
Success stories of some common people told by PM Narendra Modi in Mann Ki Baat
मन की बात में बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ट्विटर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में हुनर हाट से लेकर इसरो तक के अपने अनुभवों पर बात की। इस दौरान उन्होंने देश का नाम रोशन करने वाली 12 साल की काम्या कार्तिकेयन, 105 साल की भागीरथी अम्मा, यूपी के दिव्यांग सलमान और गुजरात के इस्माइल खत्री और पूर्णिया की महिलाओं और बेटियों की उद्यमशीलता और साहस का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में इच्छाशक्ति के सहारे अपना हौसला बरकरार रखने और ऐसे लोगों से प्रेरित होने की नसीहत भी दी। 

विज्ञापन

काम्या कार्तिकेयन : सभी महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियां फतह करना लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में 12 साल की काम्या कार्तिकेयन का जिक्र किया। मुंबई के नेवी चिल्ड्रन स्कूल की सातवीं की छात्रा काम्या ने दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वत माला की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकगुआ को फतह करके सभी को चौंका दिया। ऐसा करने वाली वो दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की बन गई हैं। करीब सात हजार मीटर की ऊंचाई वाली इस चोटी पर काम्या ने 1 फरवरी, 2020 को फतह किया और भारत का तिरंगा लहराया। 

इससे पहले काम्या ने 24 अगस्त, 2019 को लद्दाख में 6,260 मीटर ऊंची मेंटॉक कांगड़ी पर भी चढ़ाई पूरी की। ऐसा करने वाली वह सबसे कम उम्र की पर्वतारोही थीं। महज तीन साल की उम्र में ट्रैकिंग शुरू करने वाली काम्या जब 9 साल की थीं तो उन्होंने अपने माता-पिता के साथ हिमालय की कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई की। इनमें उत्तराखंड का रूपकुंड भी शामिल है। एक साल बाद वह नेपाल में एवरेस्ट बेस कैंप (5346 मीटर) पहुंचीं। 

काम्या ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो, यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (5642 मीटर) और ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोसुज्को पर भी चढ़ाई करने में कामयाबी हासिल की है। वह अगले साल 2021 में एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूरा करना चाहती हैं, इसके लिए उन्हें सभी महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सलमान : खुद चलने में दिक्कत, पर दूसरों की राह बनाई आसान

यूपी के मुरादाबाद के हमीरपुर गांव के सलमान जन्म से ही दिव्यांग हैं। इस कठिनाई के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और खुद ही अपना काम शुरू करने और अपने जैसे दिव्यांग साथियों की मदद करने का फैसला किया। मोदी ने बताया कि सलमान ने अपने ही गांव में चप्पल और डिटर्जेंट बनाने का काम शुरू कर अपने साथ 30 दिव्यांग साथियों को जोड़ा। 

उन्होंने कहा, सलमान को खुद चलने में दिक्कत थी लेकिन उन्होंने दूसरों का चलना आसान करने वाली चप्पल बनाने का फैसला किया। सलमान ने, साथी दिव्यांगजनों को खुद ही प्रशिक्षण देकर अब उनके साथ मिलकर अपने उत्पादों का विनिर्माण और मार्केटिंग भी कर रहे हैं। जिसके बलबूते इन लोगों ने स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त करते हुये अपनी कंपनी को मुनाफे में पहुंचा दिया। इतना ही नहीं, सलमान ने इस साल 100 और दिव्यांगों को रोजगार देने का संकल्प भी लिया है। 

सलमान ने अपने गांव में पांच लाख रुपये लगाकर किराए के मकान में टारगेट नाम से कंपनी खोली। चप्पल और डिटर्जेंट बनाने का काम शुरू कर दिया। छह महीने पहले से सलमान ने मार्केटिंग शुरू की। अब उनका कारोबार साथियों का वेतन निकालकर लाभ में पहुंच गया है। उनके कारखाने में अब तक 30 दिव्यांग रोजगार से जुड़ गए हैं। उनको स्वरोजगार भी सिखाया जा रहा है, ताकि खुद आत्मनिर्भर हो सकें।

विज्ञापन

इस्माइल खत्री : अजरक प्रिंट की पारंपरिक कला को सहेजा

प्रधानमंत्री ने गुजरात में कच्छ के अजरक गांव के लोगों की संकल्प शक्ति की एक अन्य कहानी का जिक्र करते हुए कहा, 2001 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद सभी लोग गांव छोड़ रहे थे, तभी, इस्माइल खत्री नाम के शख्स ने गांव में ही रहकर ‘अजरक प्रिंट’ की अपनी पारंपरिक कला को सहेजने का फैसला लिया। 

उन्होंने बताया कि देखते-ही-देखते प्रकृति के रंगों से बनी यह कला हर किसी को लुभाने लगी और पूरा गांव, हस्तशिल्प की अपनी पारंपरिक विधा से जुड़ गया। अब यह कला आधुनिक फैशन से भी जुड़ गई है। पीएम ने कहा कि अब नामी डिजाइनर और अग्रणी संस्थान संस्थान,‘अजरक प्रिंट’ का इस्तेमाल करने लगे हैं।

भागीरथी अम्मा : 105 की उम्र में भी भीतर का विद्यार्थी नहीं मरने दिया

मोदी ने जिन केरल के कोल्लम की 105 साल की भागीरथी अम्मा का जिक्र किया, उन्होंने चौथी कक्षा की परीक्षा 74.5 फीसद अंक के साथ परीक्षा पास की। पिछले साल नवंबर में दी परीक्षा, केरल के राज्य साक्षरता मिशन की सबसे कम्र उम्र की लर्नर बनीं। मोदी ने कहा कि अगर हम जीवन में प्रगति करना चाहते हैं, विकास करना चाहते हैं और कुछ कर गुजरना चाहते हैं तो पहली शर्त यही होती है कि हमारे भीतर का विद्यार्थी कभी मरना नहीं चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हमारी 105 वर्ष की भागीरथी अम्मा हमें यही प्रेरणा देती है। 10 साल से कम उम्र में उन्हें अपना स्कूल छोड़ना पड़ा था। 105 साल की उम्र में उन्होंने फिर पढाई शुरू की। इतनी उम्र होने के बावजूद उन्होंने लेवल-4 की परीक्षा दी और 75 फीसदी अंक प्राप्त किए। 

दरअसल, भगीरथी अम्मा पर मां की मौत के बाद भाई-बहनों की देखरेख की जिम्मेदारी आ गई थी। इस वजह से पढ़ाई का सपना बीच में ही छोड़ना पड़ा था। इनसे जब वह उबरीं तब तक 30 साल की उम्र में उनके पति की मौत हो गई और फिर छह बच्चों की जिम्मेदारी उन पर आ गई।

पूर्णिया की महिलाएं : समूह बनाकर रेशम के धागों से तैयार की साड़ियां

प्रधानमंत्री ने पूर्णिया की महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे शहतूत के पेड़ पर रेशम के कीड़ों से ककून तैयार करती थीं। इसका उन्हें मामूली दाम मिलता था। उसे खरीदकर उससे रेशम के धागे बनाने वाले लोगों को अच्छी कीमत मिलती थी। बाद में इन महिलाओं ने नई शुरुआत की। 

इन महिलाओं ने सरकार के सहयोग से शहतूत उत्पादन समूह बनाए। फिर रेशम के धागे बनाए और इन धागों से उन्होंने खुद ही साड़ी बनवाकर बेचना शुरू किया। आदर्श जीविका महिला मलबरी उत्पादन समूह की दीदियों की बनाई हुई ये साड़ियां अब हजारों में बिक रही हैं। पीएम ने कहा, हमारे देश की महिलाओं, हमारी बेटियों की उद्यमशीलता, उनका साहस, हर किसी के लिए गर्व की बात है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed