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लॉकडाउन के दौरान देशभर में 300 से ज्यादा गैर कोरोना मौत, आत्महत्या के मामले बढ़े

Sun, 03 May 2020 08:41 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 03 May 2020 08:41 PM IST
सार

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से उपजे तनाव की वजह से कोरोना संक्रमण के अलावा हुईं 300 से ज्यादा मौतों में अधिकतर मामलों में प्रमुख कारण आत्महत्या करना रहा है। यह जानकारी शोधार्थियों के एक समूह द्वारा एकत्र किए गए डाटा में सामने आई है।

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Study claims Suicide leading cause for over 300 lockdown deaths in India
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

समूह में शामिल टेक्नोलॉजिस्ट तेजेश जीएन, कार्यकर्ता कनिका शर्मा और जिंदल ग्लोबल स्कूल ऑफ लॉ में लीगल प्रैक्टिस के असिस्टेंट प्रोफेसर अमन ने बताया कि 19 मार्च से दो मई तक 338 लोगों की मौत हुई हैं जिनका संबंध लॉकडाउन से है। 

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डाटा के अनुसार, 80 लोगों ने अकेलेपन और जांच पॉजिटिव आने के डर से आत्महत्या कर ली। अपने घर की ओर वापस जा रहे 51 प्रवासी मजदूरों की हादसों में मौत हो गई, वहीं भुखमरी और आर्थिक समस्याओं के चलते 36 लोगों की मौत हुई। लॉकडाउन के दौरान संक्रमण के डर, अकेलेपन, आने-जाने की आजादी पर पाबंदी और शराब न मिलने की वजहों से आत्महत्या के मामलों की संख्या बढ़ गई है। 

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चिकित्सा सहायता न लेने से 38 की मौत

समूह ने एक बयान में कहा, कोरोना वायरस के अलावा होने वाली मौतों में लंबी दूरी की पैदल यात्रा करने वाले मजदूरों और राशन के लिए लाइन में लगे लोगों आदि की थकान की वजह से मौत के 24 मामले सामने आए हैं। पुलिस की कार्रवाई या हिंसा में 11 लोगों की मौत हुई, लॉकडाउन से संबंधित अपराधों में 12 लोगों की मौत हुई और चिकित्सा सहायता लेने से मना करने से 38 लोगों की मौत हुई।  

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समूह के सदस्य अमन ने कहा, 'इसके अलावा 41 मामले ऐसे हैं जिसमें मृत्यु का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है। उदाहरण के तौर पर ऐसे मामले जिनमें राज्य मौत का कारण कुछ और बता रहा हो और मृतक के परिजन कुछ और कारण बता रहे हों।'

असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है

उन्होंने कहा, 'साथ ही, यह समझना बहुत जरूरी है कि यह आंकड़ा असली आंकड़ों से बहुत कम है, ये आंकड़े मीडिया द्वारा रिपोर्ट किए गए मामलों पर आधारित हैं जो कि कुल मामलों का एक हिस्सा भर होता है और यह भी हो सकता है कि स्थानीय मीडिया द्वारा कवर किए गए कुछ मामले हमसे ही छूट गए हों।'

समूह ने यह डाटा जुटाने के लिए अखबारों और वेब पोर्टल्स की मदद ली। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ कन्नड़, मराठी, तमिल, बंगाली, उड़िया और मलयालम के अखबार व वेब पोर्टल शामिल थे। 

25 मार्च को शुरू हुआ था लॉकडाउन 

बता दें कि केंद्र सरकार ने तीन मई के बाद लॉकडाउन को दो सप्ताह और बढ़ाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 25 मार्च से 21 दिन के राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा की थी। जिसे बाद में 19 दिन और बढ़ा दिया गया था। अब इसे दो सप्ताह और यानी 17 मई तक बढ़ाया गया है।

कोरोना से देशभर में अब तक 1306 लोगों की मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 2487 नए मामले सामने आए हैं और 83 लोगों की मौत हुई है, जो अब तक एक दिन में सर्वाधिक मौत है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 40,263 हो गई है। जिसमें 28,070 सक्रिय हैं, 10,887 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 1306 लोगों की मौत हो चुकी है।

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