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साहब ने छात्र से पूछा क्या बनोगे, जवाब- शिक्षक, बिना काम के मिलता है खूब वेतन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 20 Feb 2017 01:11 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : Demo pic
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देशभर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का लगातार गिरता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। इसके सुधार के लिए तमाम बड़े बड़े दावे और वादे किए जाते हैं लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात।
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सरकार की उपेक्षा और शिक्षकों की लापरवाही के कारण न छात्रों को अच्छी शिक्षा मिल पा रही है न सिस्टम में कुछ सुधार हो पा रहा है। इसका छात्रों की मनोदशा पर भी गलत प्रभाव पड़ रहा है, जिसकी बानगी देखने को मिली मध्यप्रदेश के एक स्कूल में।
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जहां एक अधिकारी ने छात्र से सवाल पूछा की बड़े होकर क्या बनना चाहोगे? इस पर छात्र ने जो जवाब दिया उसे सुनकर बेशक अधिकारियों की हंसी छूट गई लेकिन इस जवाब ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया।
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आइए, अब आपको तफशीश से बताते हैं पूरा ममला। मध्यप्रदेश में सरकार ने स्कूली बच्चों की शिक्षा का स्तर जानने के लिए सरकार की ओर से शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें तमाम सरकारी अधिकारी, विधायक, मंत्री और जनप्रतिनिधियों को स्कूली बच्चों को एक एक पाठ पढ़ाकर उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित किया जा सके।
सरकार ने जारी किए थे अधिकारियों को छात्रों को पढ़ाने के निर्देश
इसी कड़ी में तमाम सरकारी अमला शनिवार को प्रदेश के स्कूलों में उतर आया। कलेक्टर और एसपी से लेकर थानाध्यक्ष तक ने विभिन्न स्कूलों में बच्चों को शिक्षा का पाठ पढ़ाया।
इसी दौरान छतरपुर जिले के बिजावर नगर में थाना प्रभारी एसएस मिश्रा एक स्कूल में बच्चों से बातचीत करने पहुंचे। इसी दौरान एक छात्र को खड़ा कर उन्होंने सवाल पूछा कि "बड़े होकर क्या बनना चाहते हो", छात्र ने तुरंत जवाब दिया.... "शिक्षक"।
थानाध्यक्ष ने पूछा... क्यों। इस पर छात्र ने जो जवाब दिया उसे सुनकर अधिकारी हैरत में पड़ गए। छात्र का कहना था कि "बिना काम किए ही वेतन मिलता है.... और क्या? अधिकारी ने आगे पूछा "तुम्हे ऐसा क्यों लगता है"।
छात्र का जवाब था कि "शिक्षक दिनभर कुछ काम नहीं करते, छुट्टियां भी खूब मिलती हैं और सम्मान भी सबसे ज्यादा होता है। स्कूल आकर भी वे कुछ नहीं करते बस एक दूसरे से बातें करते रहते हैं इसलिए शिक्षक बनना सबसे अच्छा है।"
छात्र का जवाब सुनकर अधिकारी हैरान रह गए। उन्होंने इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी।
इसी दौरान छतरपुर जिले के बिजावर नगर में थाना प्रभारी एसएस मिश्रा एक स्कूल में बच्चों से बातचीत करने पहुंचे। इसी दौरान एक छात्र को खड़ा कर उन्होंने सवाल पूछा कि "बड़े होकर क्या बनना चाहते हो", छात्र ने तुरंत जवाब दिया.... "शिक्षक"।
थानाध्यक्ष ने पूछा... क्यों। इस पर छात्र ने जो जवाब दिया उसे सुनकर अधिकारी हैरत में पड़ गए। छात्र का कहना था कि "बिना काम किए ही वेतन मिलता है.... और क्या? अधिकारी ने आगे पूछा "तुम्हे ऐसा क्यों लगता है"।
छात्र का जवाब था कि "शिक्षक दिनभर कुछ काम नहीं करते, छुट्टियां भी खूब मिलती हैं और सम्मान भी सबसे ज्यादा होता है। स्कूल आकर भी वे कुछ नहीं करते बस एक दूसरे से बातें करते रहते हैं इसलिए शिक्षक बनना सबसे अच्छा है।"
छात्र का जवाब सुनकर अधिकारी हैरान रह गए। उन्होंने इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी।