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मेटा चश्मे में छिपा था स्टिंग का खेल?: शिवकुमार बोले- मेरी और सतीशन की जासूसी की कोशिश, मंत्रियों को दी सलाह
Sat, 24 Oct 2026 08:32 AM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sat, 24 Oct 2026 08:32 AM IST
सार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आरोप लगाया है उनकी और केरलम के मुख्यमंत्री की मेटा स्मार्ट चश्मा से जासूसी की कोशिश हुई है। इसके लिए एक उद्योगपति को मोहरा बनाया गया है। हालांकि उन्होंने उद्योगपति का नाम नहीं बताया है।
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डी.के. शिवकुमार, मुख्यमंत्री, कर्नाटक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि उनसे मिलने आया एक उद्योगपति मेटा स्मार्ट चश्मा पहनकर राजनीतिक बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश कर रहा था। शिवकुमार को शक है कि यह किसी स्टिंग ऑपरेशन का हिस्सा था, जिसके निशाने पर वह खुद और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन थे। शिवकुमार के मुताबिक, उस उद्योगपति ने अधिकारियों के जरिए उनसे मिलने का समय लिया था। शुरुआत में उसने कारोबार से जुड़ी बातें कीं, लेकिन बाद में बूथ स्तर की रणनीति और राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने लगा। इसी दौरान शिवकुमार की नजर उसके चश्मे पर पड़ी और उन्हें शक हुआ।
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सतीसन से मिलने भी इसी चश्मे में पहुंचा था उद्योगपति
शिवकुमार ने कन्नड़ के एक न्यूज चैनल को बताया कि शक होने पर उन्होंने अधिकारियों से उस उद्योगपति के बारे में जानकारी जुटाने को कहा था। उनके मुताबिक, जांच में पता चला कि वह व्यक्ति केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन से मिलने के दौरान भी यही चश्मा पहनकर गया था। शिवकुमार ने दावा किया कि उस उद्योगपति ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस या किसी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के समय ऐसा चश्मा नहीं पहना था।
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कार्रवाई हुई है, लेकिन अभी जानकारी नहीं देंगे
शिवकुमार ने न तो उस उद्योगपति का नाम बताया और न ही इस बात का कोई सबूत पेश किया कि चश्मे से बातचीत रिकॉर्ड की गई थी। उन्होंने इतना जरूर कहा कि इस मामले में जरूरी एहतियाती कदम उठाए गए हैं, लेकिन फिलहाल इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। कार्रवाई की सवाल पर उन्होंने कहा कि किसने कहा कि कार्रवाई की मांग नहीं की गई? आपको इसकी जानकारी नहीं है, बस इतनी सी बात है। हमने सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए हैं, लेकिन अभी इसका खुलासा नहीं करेंगे।"
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कैबिनेट मंत्रियों को भी किया सतर्क
शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने मंत्रियों से कहा है कि वे अपने आसपास काम करने वाले लोगों, फोन कॉल और दूसरे तरीकों से उन्हें फंसाने की किसी भी कोशिश को लेकर सावधान रहें। उन्होंने कहा, 'सरकार एक परिवार की तरह होती है। इसका मुखिया होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने कैबिनेट मंत्रियों को सतर्क रहने और किसी के झांसे में न आने के लिए कहूं।'
'सही समय आने पर सामने रखेंगे अपनी बात'
शिवकुमार का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले का रिकॉर्ड रखा है। उनके पास उन लोगों के बारे में भी जानकारी है, जिनके इस मामले में शामिल होने का शक है। हालांकि, उन्होंने अभी किसी का नाम बताने या रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने उन सभी लोगों को बुलाया है और रिकॉर्ड भी रखा है। अभी नहीं, सही समय आने पर मैं अपनी बात रखूंगा। फिलहाल बोलने का समय नहीं है।'
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सिद्धारमैया के स्टिंग वीडियो को लेकर पहले से जारी है विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कर्नाटक में कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष इन रिकॉर्डिंग के स्रोत और उनके पीछे की मंशा को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।