फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Still unclear who was target of Eknath Shinde dont take me lightly remark: Ajit Pawar

महाराष्ट्र की सियासी हलचल: अजित बोले- शिंदे की 'मुझे हल्के में न लें' वाली टिप्पणी का निशाना कौन? स्पष्ट नहीं

Sun, 23 Feb 2025 09:57 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 23 Feb 2025 09:57 PM IST
सार

उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बाद बोलने वाले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस बारे में विस्तार से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि 'मुझे हल्के में न लें' वाली टिप्पणी दो साल पहले हुई एक घटना का संदर्भ थी।

विज्ञापन
Still unclear who was target of Eknath Shinde dont take me lightly remark: Ajit Pawar
एकनाथ शिंदे, अजित पवार - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को कहा कि यह अभी भी साफ नहीं है कि एकनाथ शिंदे की इस टिप्पणी का निशाना कौन था कि उन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। नई दिल्ली में 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए अजित ने हैरानी जताई कि क्या शिंदे का मतलब यह कहना था कि शिवसेना-यूबीटी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए या कोई और? अजित पवार के बाद बोलने वाले एकनाथ शिंदे ने इस बारे में विस्तार से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि 'मुझे हल्के में न लें' वाली टिप्पणी दो साल पहले हुई एक घटना का संदर्भ थी।

विज्ञापन


'भाजपा-राकांपा-शिवसेना वाली महायुति में कोई दरार नहीं'
अजित पवार ने तालकटोरा स्टेडियम में शिंदे की मौजूदगी में कहा कि अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि 'मशाल' को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए या किसी और को उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।' 'मशाल' उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-यूबीटी का चुनाव चिह्न है। अजित ने यह भी साफ किया कि भाजपा-राकांपा-शिवसेना वाली महायुति में कोई दरार नहीं है। 
विज्ञापन


ऐसी बदली थी सियासी तस्वीर
दरअसल, 2022 में शिंदे उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना को तोड़कर और भाजपा के साथ गठबंधन करके मुख्यमंत्री बने थे। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद शिंदे को पिछली सरकार में अपने डिप्टी देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के लिए राजी होना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिवसेना-यूबीटी पर भी कटाक्ष किया
इस बीच रविवार को कार्यक्रम में शिंदे ने याद किया कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान ही मराठी को केंद्र सरकार की ओर से शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया था। उन्होंने शिवसेना-यूबीटी पर भी कटाक्ष किया और याद दिलाया कि कैसे उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार के हाथों महादजी शिंदे पुरस्कार प्राप्त करने से नाराज थे। 


शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती का भी जिक्र
उन्होंने सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की दोस्ती का भी जिक्र किया। शिंदे ने कहा, 'चुनाव के बाद हम सब कुछ भूल जाते हैं और राजनीति से परे रिश्तों को आगे बढ़ाते हैं।' अजित पवार और शिंदे दोनों ने शिक्षा के माध्यम के रूप में अंग्रेजी के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed