आदेश: IIT भुवनेश्वर ने कोरोना टीका नहीं लेने वाले छात्रों और कर्मचारियों पर लगाई रोक, स्टूडेंट्स ने की निंदा
भुवनेश्वर आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए संस्थान ने नया निर्देश जारी किया है। संस्थान ने कोरोना टीका नहीं लेने वाले छात्रों और कर्मचारियों को परिसर में घुसने पर रोक लगा दी है। हालांकि, संस्थान के इस आदेश का विरोध भी शुरू हो गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भुवनेश्वर आईआईटी ने अपने छात्रों और स्टाफ को संस्थान में आने से पहले वैक्सीन लेने का निर्देश दिया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने छात्रों और कर्मचारियों के प्रवेश पर तब तक प्रतिबंध लगा दिया है जब तक कि उनका टीकाकरण नहीं हो जाता। इस संदर्भ में जारी एक आदेश में कहा गया है कि सभी छात्र और कर्मचारी टीकाकरण के बाद ही परिसर में आए। संस्थान का कहना है कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर संस्थान के एक कर्मचारी ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले छात्रों और कर्मचारियों से कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए आदेश जारी किया गया है। हालांकि, संस्थान के फैसले की छात्रों ने निंदा की है।
आरटीपीसीआर टेस्ट दिखाना अनिवार्य
संस्थान की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि आईआईटी भुवनेश्वर के सभी छात्र, कर्मचारी या अन्य स्टाफ को अनिवार्य रूप से 10 जुलाई, 2021 तक टीके की कम से कम एक खुराक लग जाना चाहिए। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि भले ही कर्मचारी और छात्र वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं, लेकिन वह भुवनेश्वर और कटक से बाहर गए हैं तो परिसर में आने से पहले उन्हें आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी और पांच दिन तक आइसोलेट रहना पड़ेगा। दोनों खुराक नहीं लेने वालों को 10 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा।
संस्थान के फैसले का विरोध
हालांकि, छात्रों और फैकल्टी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रशासन अपने "निरंकुश और मनमानी फरमान" जारी करने के लिए कोविड -19 को आधार बना रहा है। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। छात्रों ने संस्थान से इस पर विचार करने की अपील की है।