प्याज की कीमतों ने ऐसा दिखाया असर कि बंगलूरू के होटलों ने किया 'ऑनियन डोसा' बनाना बंद
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बंगलूरू के कुछ होटलों ने प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह से प्याज वाला डोसा बनाना बंद कर दिया है। बंगलूरू होटल्स एसोसिएशन का कहना है कि हमने कीमतों में बढ़ोतरी के कारण प्याज का उपयोग कम कर दिया है। फाइन-डाइन खाद्य पदार्थों की कीमतों को बढ़ा सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से मध्यम वर्ग के लोगों को नुकसान होगा।
Bengaluru: Some restaurants stop serving Onion Dosa after onion price hike. V Kamat, Bangalore Hotels Association says, "We've reduced onion usage due to price hike. Fine-dines can raise rates of food items,but those who eat at middle-class eateries feel the pinch if prices rise" pic.twitter.com/NnlCuGwdRk
— ANI (@ANI) November 30, 2019विज्ञापन
महाराष्ट्र में बारिश से बर्बाद हुई फसल के कारण प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है। प्याज की कीमतों में लगातार तेजी का मुद्दा गुरुवार को संसद में भी गूंजा। डीएमके सांसद कनीमोझी ने शून्यकाल में पूछा कि प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार क्या रही है।
उन्होंने कहा, प्याज की कीमतें तीन गुणा बढ़कर 100 रुपये प्रति किलों पर पहुंच गई है। इससे आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। कारोबारी विशेषज्ञों का कहना है कि प्याज की मौजूदा कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जमाखोरी जिम्मेदार है, इसके साथ ही अतिवृष्टि से भी प्याज की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ द्वारा प्याजों को रखे जाने के लिए अपनाए जाने वाले पारंपरिक तरीके भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। यहां रखी गई ज्यादातर प्याज खराब हो गईं। इसके साथ ही कनीमोझी ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगने के बावजूद कीमतें क्यों नहीं थम रही हैं। उन्होंन इस पर चर्चा कराए जाने की मांग भी की।