70 Hours Work: नारायण मूर्ति के सुझाव पर एक्स यूजर्स की प्रतिक्रिया, कुछ ने समर्थन किया तो किसी ने किया विरोध
जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा कि मैं तहे दिल से मूर्ति के बयान का समर्थन करता हूं। यह थकावट के बारे में नहीं यह समर्पण के बारे में है। 2047 तक भारत को एक आर्थिक महाशक्ति बनाना है, जिस पर हम सभी गर्व कर सकें।
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इन्फोसिस के सह संस्थापक एन नारायण मूर्ति आज एक्स पर ट्रेंड करते रहे। दरअसल, उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सप्ताह में 70-70 घंटे काम करना चाहिए। मूर्ति के इस सुझाव की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना की गई। हालांकि, कुछ लोगों ने उनके सुझावों का समर्थन भी किया है।
38 साल की ही उम्र में दिल का दौरा पड़ गया
भारतीय हास्य अभिनेता वीर दास ने एक्स पर लिखा कि जीवन कठिन है। वहीं, एक दूसरे यूजर ने एक्स पर लिखा कि अधिक काम से उन्हें तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती है। यूजर ने आगे कहा कि अधिक काम के कारण मुझे 38 साल की ही उम्र में दिल का दौरा पड़ गया। जीवन भर दवाओं पर निर्भर हो गया। इन लोगों की बात न सुनें। खून चूसने वाले जोंक कुर्सियों पर बैठकर भाषण देते हैं।
तहे दिल से मूर्ति के बयान का समर्थन करता हूं
ओला कैब्स के सीईओ भाविश अग्रवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मिस्टर मूर्ति के विचारों से पूरी तरह सहमत हूं। यह हमारे काम का समय नहीं है। खुदे के मनोरंजन का समय नहीं है। बल्कि, यह समय है कि हम एक पीढ़ी में वह बनाएं, जो अन्य देशों ने बनाया है। जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा कि मैं तहे दिल से मूर्ति के बयान का समर्थन करता हूं। यह थकावट के बारे में नहीं यह समर्पण के बारे में है। 2047 तक भारत को एक आर्थिक महाशक्ति बनाना है, जिस पर हम सभी गर्व कर सकें।
यह है पूरा मामला
नारायण मूर्ति शुक्रवार को पॉडकास्ट 'द रिकॉर्ड' के उद्घाटन एपिसोड में पहुंचे थे। यहां, इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई के साथ बातचीत में मूर्ति ने कहा कि युवाओं को अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए काम पर अतिरिक्त घंटे लगाने चाहिए। युवा दिन में 12 घंटे काम करें ताकि भारत उन अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके जिन्होंने पिछले दो से तीन दशकों में जबरदस्त प्रगति की है। मेरा अनुरोध है कि हमारे युवाओं को कहना चाहिए, यह मेरा देश है। मैं सप्ताह में 70 घंटे काम करना चाहता हूं। मूर्ति ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मन और जापानियों ने यही किया है।