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स्माइलिंग फील्ड: पाक सीमा के नजदीक तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्सेज ने किया युद्धाभ्यास
Mon, 30 Sep 2019 09:38 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 30 Sep 2019 09:38 AM IST
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युद्ध अभ्यास
- फोटो : Indian Army Twitter
भारतीय सैन्य बलों की तीनों अंगों की स्पेशल फोर्सेज ने पाक सीमा के नजदीक सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को और घातक तरीके से अंजाम देने के लिए युद्धाभ्यास किया। इस युद्धाभ्यास में थल सेना की पैरा कमांडो, वायु सेना की गरुड़ कामांडो और नौसेना की मार्कोज कमांडो ने हिस्सा लिया।
आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए ऑर्म्ड फोर्स स्पेशल ऑपरेशन डिविजन (AFSOD) ने गुजरात के कच्छ जिले के नालिया में बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास किया। इस युद्धाभ्यास को ‘स्माइलिंग फील्ड’ नाम दिया गया है।
भारत के सैन्य इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि तीनों सेनाओं के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने एक साथ युद्धाभ्यास में भाग लिया। कच्छ जिले के नालिया में भारतीय वायुसेना और थल सेना का बड़ा बेस है।
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आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन डिविजन का नेतृत्व मेजर जनरल अशोक ढींगरा कर रहे हैं। ढींगरा एएफएसओडी के पहले प्रमुख भी हैं। इस युद्धाभ्यास का मकसद आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन डिविजन के कुशलता को परखना भी था।
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आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए ऑर्म्ड फोर्स स्पेशल ऑपरेशन डिविजन (AFSOD) ने गुजरात के कच्छ जिले के नालिया में बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास किया। इस युद्धाभ्यास को ‘स्माइलिंग फील्ड’ नाम दिया गया है।
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भारत के सैन्य इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि तीनों सेनाओं के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने एक साथ युद्धाभ्यास में भाग लिया। कच्छ जिले के नालिया में भारतीय वायुसेना और थल सेना का बड़ा बेस है।
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आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन डिविजन का नेतृत्व मेजर जनरल अशोक ढींगरा कर रहे हैं। ढींगरा एएफएसओडी के पहले प्रमुख भी हैं। इस युद्धाभ्यास का मकसद आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन डिविजन के कुशलता को परखना भी था।