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आवारा कुत्तों से बचाओ सरकार, दिल्ली विधानसभा में लगी गुहार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:02 AM IST
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आवारा कुत्तों और बंदरों से दिल्ली के लोग कितने परेशान हैं, इस बात का अंदाजा सिर्फ इसी से लगाया जा सकता है कि यहां के सिर्फ एक अस्पताल बाड़ाराव में रोज लगभग 6000 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इस बात की जानकारी आप विधायक अलका लांबा ने आज विधानसभा में दी।
लांबा ने कहा कि एमसीडी प्रतिवर्ष दिल्ली में कुत्तों के बंध्याकरण का अभियान चलाती है। वह इसके लिए करोड़ों रुपये का बजट भी खर्च करती है, लेकिन जमीनी स्थिति यह है कि दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार इन कुत्तों के द्वारा बच्चों को काट खाने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन इनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ। उन्होंने दिल्ली में आवारा कुत्तों-बंदरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए सरकार से कदम उठाने की मांग की और कहा कि सरकार कोई ऐसी योजना बनाए जिससे कुत्तों की संख्या भी नियंत्रित हो जाए और उनके साथ क्रूरता भी न हो।
2300 करोड़ का बजट मांग रही एमसीडी
विधानसभा नियमावली के नियम 89 के तहत गैर सरकारी सदस्यों द्वारा लोक महत्त्व के मुद्दे उठाए जाते हैं। इसी नियम के तहत अलका लांबा ने विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। इस मुद्दे पर लांबा ने कहा कि जब-जब एमसीडी से आवारा कुत्तों-बंदरों के मामले में कार्रवाई की मांग की जाती है, वह दिल्ली के लगभग 25,000 कुत्तों (एमसीडी के द्वारा अनुमानित) के बंध्याकरण के लिए दिल्ली सरकार से 2300 करोड़ का बजट मांगने लगती है।
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सरकार ने कहा एमसीडी का काम
अलका लांबा के प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि प्रदेश में आवारा कुत्तों-बंदरों की संख्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना एमसीडी और एनडीएमसी के कार्यक्षेत्र में आता है। लेकिन अगर दिल्ली सरकार को इससे संबंधित अधिकार मिलें तो वह इस पर कार्रवाई कर सकती है। प्रस्ताव पर बहस के दौरान कई सदस्यों ने कुत्तों के लिए अलग शेल्टर होम बनाने का भी प्रस्ताव दिया। एक सदस्य ने कुत्तों को विशेष बिस्कुट खिलाकर उन्हें स्टेरिलाइज कर उनकी संख्या सीमित करने का सुझाव दिया।
लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं कुत्ते
दुनिया के लगभग हर देश में लोगों को आवारा कुत्तों से परेशानी है। एक जानकारी के मुताबिक पूरी दुनिया में सिर्फ कुत्तों के काटने से लगभग 59,000 लोगों की मौत हो जाती है। दिल्ली की एमसीडी ने ही साल 2015-16 में कुत्तों के काटने के कारण दिल्ली में 16 लोगों के मरने की जानकारी दी थी।
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लांबा ने कहा कि एमसीडी प्रतिवर्ष दिल्ली में कुत्तों के बंध्याकरण का अभियान चलाती है। वह इसके लिए करोड़ों रुपये का बजट भी खर्च करती है, लेकिन जमीनी स्थिति यह है कि दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार इन कुत्तों के द्वारा बच्चों को काट खाने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन इनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ। उन्होंने दिल्ली में आवारा कुत्तों-बंदरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए सरकार से कदम उठाने की मांग की और कहा कि सरकार कोई ऐसी योजना बनाए जिससे कुत्तों की संख्या भी नियंत्रित हो जाए और उनके साथ क्रूरता भी न हो।
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2300 करोड़ का बजट मांग रही एमसीडी
विधानसभा नियमावली के नियम 89 के तहत गैर सरकारी सदस्यों द्वारा लोक महत्त्व के मुद्दे उठाए जाते हैं। इसी नियम के तहत अलका लांबा ने विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। इस मुद्दे पर लांबा ने कहा कि जब-जब एमसीडी से आवारा कुत्तों-बंदरों के मामले में कार्रवाई की मांग की जाती है, वह दिल्ली के लगभग 25,000 कुत्तों (एमसीडी के द्वारा अनुमानित) के बंध्याकरण के लिए दिल्ली सरकार से 2300 करोड़ का बजट मांगने लगती है।
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सरकार ने कहा एमसीडी का काम
अलका लांबा के प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि प्रदेश में आवारा कुत्तों-बंदरों की संख्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना एमसीडी और एनडीएमसी के कार्यक्षेत्र में आता है। लेकिन अगर दिल्ली सरकार को इससे संबंधित अधिकार मिलें तो वह इस पर कार्रवाई कर सकती है। प्रस्ताव पर बहस के दौरान कई सदस्यों ने कुत्तों के लिए अलग शेल्टर होम बनाने का भी प्रस्ताव दिया। एक सदस्य ने कुत्तों को विशेष बिस्कुट खिलाकर उन्हें स्टेरिलाइज कर उनकी संख्या सीमित करने का सुझाव दिया।
लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं कुत्ते
दुनिया के लगभग हर देश में लोगों को आवारा कुत्तों से परेशानी है। एक जानकारी के मुताबिक पूरी दुनिया में सिर्फ कुत्तों के काटने से लगभग 59,000 लोगों की मौत हो जाती है। दिल्ली की एमसीडी ने ही साल 2015-16 में कुत्तों के काटने के कारण दिल्ली में 16 लोगों के मरने की जानकारी दी थी।