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छह माह में पूरी तरह काम करना शुरू कर देंगे छह एम्स
पवन कुमार, नई दिल्ली
Updated Fri, 26 Aug 2016 03:15 AM IST
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एम्स
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चार वर्ष बीत जाने के बाद भारत के अलग-अलग राज्यों में शुरू किए गए छह एम्स ने पूरी तरह काम करना अभी शुरू नहीं किया है। इससे उन राज्यों के मरीजों को दिक्कत हो रही है। एम्स के पूर्ण रूपेण काम नहीं करने के कारण दिल्ली एम्स पर मरीजों का अतिरिक्त दबाव है। इसलिए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अगले छह माह में सभी छह एम्स को पूरी तरह शुरू करने का निर्णय लिया है।
मंत्रालय की सूत्रों की मानें तो ऋषिकेश, पटना, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर और रायपुर एम्स के शुरू होने के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी ओपीडी में मरीजों की संख्या प्रतिदिन करीब एक हजार तक ही पहुंच पाई है। दूसरी तरफ, दिल्ली एम्स के ओपीडी में प्रतिदिन करीब 10 हजार मरीज इलाज के लिए अलग-अलग राज्यों से पहुंचते हैं। दिल्ली एम्स आने वाले करीब 30 से 40 फीसदी मरीज इन्हीं छह राज्यों से पहुंच रहे हैं। मंत्रालय का मानना है कि यदि इन छह एम्स में पूरी तरह काम हो रहा होता तो इतने मरीज दिल्ली नहीं पहुंचते।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ऋषिकेश, पटना, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर और रायपुर एम्स के ओपीडी में प्रतिदिन 800 से 1,000 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हर एम्स में बिस्तरों की संख्या 960 निर्धारित है लेकिन महज 200 से 300 बिस्तरों पर ही मरीजों को दाखिला मिल पा रहा है। हर एम्स में फैकल्टी के 305 पद आवंटित हैं जबकि अन्य कर्मचारियों के लिए 3,776 पद आवंटित है। आवंटित पदों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जा रही है।
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केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव, सीके मिश्रा से जब इस बाबत और जानकारी देते हुए बताया कि छह एम्स में अभी पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं किया है। इसकी वजह से मरीजों को दिल्ली एम्स आना पड़ता है। मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए मंत्रालय ने तय किया है कि अगले छह माह में सभी छह एम्स पूरी तरह से काम करना शुरू कर दें ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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मंत्रालय की सूत्रों की मानें तो ऋषिकेश, पटना, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर और रायपुर एम्स के शुरू होने के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी ओपीडी में मरीजों की संख्या प्रतिदिन करीब एक हजार तक ही पहुंच पाई है। दूसरी तरफ, दिल्ली एम्स के ओपीडी में प्रतिदिन करीब 10 हजार मरीज इलाज के लिए अलग-अलग राज्यों से पहुंचते हैं। दिल्ली एम्स आने वाले करीब 30 से 40 फीसदी मरीज इन्हीं छह राज्यों से पहुंच रहे हैं। मंत्रालय का मानना है कि यदि इन छह एम्स में पूरी तरह काम हो रहा होता तो इतने मरीज दिल्ली नहीं पहुंचते।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ऋषिकेश, पटना, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर और रायपुर एम्स के ओपीडी में प्रतिदिन 800 से 1,000 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हर एम्स में बिस्तरों की संख्या 960 निर्धारित है लेकिन महज 200 से 300 बिस्तरों पर ही मरीजों को दाखिला मिल पा रहा है। हर एम्स में फैकल्टी के 305 पद आवंटित हैं जबकि अन्य कर्मचारियों के लिए 3,776 पद आवंटित है। आवंटित पदों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जा रही है।
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केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव, सीके मिश्रा से जब इस बाबत और जानकारी देते हुए बताया कि छह एम्स में अभी पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं किया है। इसकी वजह से मरीजों को दिल्ली एम्स आना पड़ता है। मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए मंत्रालय ने तय किया है कि अगले छह माह में सभी छह एम्स पूरी तरह से काम करना शुरू कर दें ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।