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Hacking Row: एपल अलर्ट मैसेज मामले में येचुरी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र; कहा- ...मुझे ऐसे फंसाया जा सकता है

Tue, 31 Oct 2023 06:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 31 Oct 2023 06:55 PM IST
सार

विपक्ष के कई नेताओं ने दावा किया है कि उनके मोबाइल पर फोन निर्माताओं द्वारा एक संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया कि उनके फोन में सरकार समर्थित हैकरों द्वारा हैकिंग की कोशिश की गई है। जिन नेताओं ने यह शिकायत की है, उनमें तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस नेता शशि थरूर और पवन खेड़ा शामिल हैं।

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Sitaram Yehcury writes to PM Modi on Apple alerts, says surveillance state is antitheses of democracy
सीताराम येचुरी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एपल की ओर से अलर्ट आने के विवाद पर सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र के साथ ही उन्होंने एपल से मिले अलर्ट की एक प्रति भी साझा की है। इसमें उन्होंने कहा कि हमारी निगरानी की जा रही है। राज्य लोकतंत्र का विरोधी है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि उनके मोबाइल फोन तक रिमोट एक्सेस का इस्तेमाल उनके डिवाइस पर जानकारी प्लांट करने और फिर उन्हें दोषी ठहराने के लिए किया जा सकता है।

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येचुरी के पत्र में क्या है?
मोदी को लिखे अपने पत्र में सीताराम येचुरी ने कहा कि यह भारत के संविधान द्वारा अपने सभी नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। एक निगरानी राज्य लोकतंत्र के विपरीत है। सीपीआईएम नेता ने पत्र में कहा कि मेरा काम एक खुली किताब है और छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए, इस तरह की जासूसी का इरादा मेरे मोबाइल में कोई मनगढ़ंत सामग्री डालने और फिर उसके आधार पर मुझे दोषी ठहराने का है। पत्र में उन्होंने कहा कि आपके नेतृत्व वाली इस सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग को देखते हुए ऐसी संभावना वास्तविक है। 
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पीएम मोदी से मांगी प्रतिक्रिया
येचुरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के संविधान को कायम रखने की शपथ ली है। इसके बजाय, लोकतंत्र और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का घोर उल्लंघन  हो रहा है। यह अस्वीकार्य है। पत्र में येचुरी ने पीएम मोदी से उनकी  प्रतिक्रिया भी मांगी है। 
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क्या हैं विपक्ष के आरोप?
इससे पहले, विपक्ष के कई नेताओं ने दावा किया है कि उनके मोबाइल पर फोन निर्माताओं द्वारा एक संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया कि उनके फोन में सरकार समर्थित हैकरों द्वारा हैकिंग की कोशिश की गई है। जिन नेताओं ने यह शिकायत की है, उनमें तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस नेता शशि थरूर और पवन खेड़ा शामिल हैं।

इन लोगों के अलावा आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें भी इस तरह के मैसेज आए हैं। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने भी बाद में इस तरह के आरोप लगाते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "खूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं। साफ छुपाते भी नहीं, सामने आते भी नहीं।"

अलर्ट में क्या था?
'अलर्ट: राज्य-प्रायोजित अटैकर्स आपके iPhone को निशाना बना सकते हैं। Apple का मानना है कि आपको राज्य-प्रायोजित अटैकर्स द्वारा निशाना बनाया जा रहा है जो आपके Apple ID से जुड़े iPhone को दूर से ही खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं। आप कौन हैं या आप क्या करते हैं, इसके आधार पर ये हमलावर संभवतः आपको व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं। यदि आपकी डिवाइस या फोन के साथ किसी राज्य-प्रायोजित अटैकर ने छेड़छाड़ की है, तो वे आपके संवेदनशील डाटा, कैमरा और माइक्रोफोन को दूर से ही एक्सेस कर सकते हैं। कृपया इस चेतावनी को गंभीरता से लें।'

अलर्ट पर Apple ने क्या कहा?
एपल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "राज्य-प्रायोजित हमलावर बहुत अच्छी तरह से फंडिंग वाले और ट्रेंड हैं और उनके अटैक के तरीके समय के साथ बदलते रहते हैं। ऐसे साइबर अटैक का पता लगाना काफी मुश्किल है। कई बार ये अलर्ट झूठे भी साबित होते हैं। यह भी संभव है कि एपल की ओर से भेजे गए कुछ अलर्ट झूठे हो सकते हैं। हम इस बारे में जानकारी देने में असमर्थ हैं कि किस कारण से हमें खतरे की सूचनाएं जारी करनी पड़ रही हैं, क्योंकि इससे हैकर्स को मदद मिल सकती है। Apple ने यह अलर्ट उन लोगों को भेजा है जिनके अकाउंट करीब 150 देशों में एक्टिव हैं।'

सरकार ने दिया है जवाब
इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर ये नेता हैकिंग के आरोप लगा चुके हैं। कुछ साल पहले भी इन्होंने यही कोशिश की थी। तब न्यायालय की देखरेख में हमने पूरी जांच कराई थी। हालांकि, इसमें कुछ नहीं निकला था। यहां तक प्रियंका गांधी वाड्रा के आरोप कि 'उनके दोनों बच्चों का फोन हैक है', ऐसा भी कुछ नहीं था। ये सब झूठ आलोचकों द्वारा फैलाया गया था। 


उन्होंने कहा, "कुछ सांसदों ने जो मुद्दा उठाया है कि उनके पास एप्पल से एक अलर्ट आया है। उसके बारे में मैं साफ करना चाहता हूं कि सरकार इस मुद्दे पर बहुत गंभीर है, हम इस मुद्दे की तह तक जाएंगे। जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस देश में हमारे कुछ आलोचक हैं जिनकी आलोचना करने की आदत हो गई है। ये लोग देश की उन्नति को पचा नहीं सकते... एपल ने 150 देशों में ये सूचना जारी की है। एपल के पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अनुमान के आधार पर ये सूचना भेजी है।

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