सिक्किमः IAF के हेलीकॉप्टरों की मदद से बचाव कार्यों में आई तेजी, दो अमेरिकी नागरिक सहित 199 लोगों को निकाला
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने गुरुवार उड़ान भरी और बहुत खराब मौसम के बावजूद 199 से अधिक लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आवश्यक राहत सामग्री को हवाई मार्ग से पहुंचाने और एनडीआरएफ कर्मियों को दूरदराज, संपर्कविहीन क्षेत्रों में तैनात करने का कार्य किया जा रहा है।
विस्तार
सिक्किम में भारी भूस्खलनों के बाद राहत और बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया। इसके लिए भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को चार एमआई-17 और दो चीता हेलीकॉप्टरों को राहत कार्यों में लगाया है। आज ये हेलीकॉप्टर चाटन के दूरस्थ और गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों तक पहुंच और वहां फंसे लोगों को निकाला।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोलकाता में बताया कि हेलीकॉप्टरों गुरुवार उड़ान भरी और बहुत खराब मौसम के बावजूद 199 से अधिक लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों में फंसे स्थानीय नागरिकों, सैन्यकर्मियों और विदेशी नागरिकों को सकुशल बाहर निकाला।
उल्लेखनीय है कि भयंकर भूस्खलनों की क्षेत्रों में, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ अभियानों में दिन-रात जुटे हुए हैं। आवश्यक राहत सामग्री को हवाई मार्ग से पहुंचाने और एनडीआरएफ कर्मियों को दूरदराज, संपर्कविहीन क्षेत्रों में तैनात करने का कार्य किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि एमआई-17 हेलीकॉप्टरों की साहसिक उड़ानों के माध्यम से आज 33 लोगों, जिनमें 2 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं, को चाटन से सुरक्षित निकाला गया है। आज 199 लोगों को बचाया गया और 6000 किलोग्राम राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई गई।
चुंगथांग–लाचेन मार्ग पर संचार बहाली के लिए किया
उत्तर सिक्किम के चुंगथांग के राजस्व अधिकारी एवं थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने हालिया प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित चुंगथांग–लाचेन मार्ग पर संचार एवं संपर्क बहाली के लिए एक सर्वेक्षण किया। इस टीम में विभिन्न प्रमुख विभागों एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें राजस्व निरीक्षक, चुंगथांग, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के प्रभारी अधिकारी, राज्य एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के सदस्य, विद्युत विभाग के अधिकारी; आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की त्वरित प्रतिक्रिया टीमें साथ ही लाचेन जुंसा के पिपोन एवं प्रतिनिधि शामिल थे। स्थानीय निवासियों ने भी इस प्रयास में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।