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Hindi News ›   India News ›   Sikkim Assembly Election Result 2019: Know why SDF Pawan Kumar Chamling is CM since 1994

सिक्किम विधानसभा चुनाव परिणाम 2019: जानिए क्यों 1994 से चामलिंग ही हैं राज्य के मुख्यमंत्री

Thu, 23 May 2019 10:43 AM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Thu, 23 May 2019 10:43 AM IST
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सार
  • लोकसभा चुनाव के साथ कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए हैं।
  • ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए हैं।
  • 1994 से एसडीएफ पार्टी के पवन कुमार चामलिंग राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
  • सिक्किम में विधानसभा की कुल 32 सीट हैं।
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Sikkim Assembly Election Result 2019: Know why SDF Pawan Kumar Chamling is CM since 1994
पवन कुमार चामलिंग - फोटो : File Photo

विस्तार

सिक्किम में लंबे समय से ही क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा रहा है। यहां विधानसभा की कुल 32 सीटें हैं। यहां राष्ट्रीय पार्टियों की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है। साल 1994 से ही सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के नेता पवन कुमार चामलिंग राज्य के मुख्यमंत्री हैं।

2014 में क्या थी स्थिति?

2014 में हुए विधानसभा चुनावों में एसडीएफ को 22 सीटें मिली थीं। वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) को 10 सीटें मिली थीं। इससे पहले 2009 में हुए चुनावों में चामलिंग (Pawan Kumar Chamling) की पार्टी को पूरी 32 सीटें मिली थीं। वहीं राष्ट्रीय पार्टियों की स्थिति यहां बिल्कुल मजबूत नहीं है। 



 

पार्टी का नाम सीटों की संख्या
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 22
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 10
सिक्किम नेशनल पीपुल्स पार्टी 0
अन्य 0

 

कौन सी हैं मुख्य पार्टिंयां?

एसडीएफ और एसकेएम के अलावा मुख्य पार्टियों में सिक्किम संग्राम परिषद (एसएसपी), सिक्किम नेशनल पीपुल्स पार्टी (एसएनपीपी) और हमारो सिक्किम पार्टी हैं। बता दें इसी साल पूर्व फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया ने इस पार्टी का निर्माण किया है। ये पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। 

पवन कुमार चामलिंग
पवन कुमार चामलिंग - फोटो : File Photo

आखिर क्यों राष्ट्रीय पार्टियों को यहां मौका नहीं मिलता?

एसएनपीपी पार्टी के अध्यक्ष डी बारफुंगपा का कहना है कि वह राष्ट्रीय दलों पर अनुच्छेद 371 (एफ) के संरक्षण को लेकर भरोसा नहीं कर सकते हैं। यह सिक्किम के लोगों को मिले विशेष अधिकारों की रक्षा करता है। ठीक ऐसा ही सत्तारूढ़ एसडीएफ के प्रवक्ता के.टी. ग्यालत्सेन का भी कहना है। 

2016 में सबसे अमीर राज्य

अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के मुकाबले सिक्किम की स्थिति अधिक बेहतर मानी जाती है। साल 2016 में ये भारत का तीसरा सबसे अमीर राज्य था। 2016 में सिक्किम देश का पहला और अकेला ऑर्गेनिक स्टेट भी बना। वहीं महिलाओं के काम करने की स्थिति को लेकर एक सर्वे किया गया था। इसमें भी सिक्किम की स्थिति काफी बेहतर रही।

पवन कुमार चामलिंग
पवन कुमार चामलिंग - फोटो : File Photo

क्यों मजबूत है एसडीएफ?

2011 की जनगणना के मुताबकि सिक्किम में साक्षरता दर 81.42 फीसदी थी। जिसे पूरा 100 फीसदी करने के लिए मुख्यमंत्री चामलिंग ने अभियान भी चलाए। राज्य में युवाओं को खुश करने और बोरोजगारी को खत्म करने के लिए सरकार ने 9 पॉइंट एजेंडा की घोषणा की थी। 
 
युवाओं को राजनीति में मौका देने के लिए मौजूदा विधायकों के स्थान पर 32 में से 18 सीटों में युवाओं को स्थान दिया जा रहा है। ये भारत का पहला ऐसा राज्य है जहां न्यूनतम समर्थन आय की गारंटी दी गई है। वहीं पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में नेपाल की लिंबू-तमांग जनजाति को भी आरक्षण देने की बात कही है। पार्टी ने ये भी कहा है कि इस जनजाति के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं किया जाएगा।

कहां कमजोर है एसडीएफ?

लंबे समय से सत्ता में काबिज एसडीएफ (Sikkim Democratic Front) जिन मुद्दों पर कमजोर है, उनमें से एक है आत्महत्या। 2015 में सिक्किम में सुसाइड रेट (10 हजार लोगों पर) 37.5 फीसदी था। यह न केवल भारत के 10.6 फीसदी औसत से तीन गुना अधिक है बल्कि दुनिया के 11.4 फीसदी औसत से भी ज्यादा है। बेरोजगारी दर के मामले में भी सिक्किम काफी आगे है। हालांकि यहां शिक्षा व्यवस्था अच्छी है लेकिन रोजगार की कमी के चलते इसका कोई प्रभाव नहीं रह जाता है। 



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