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उपराष्ट्रपति पद के लिए गांधी के नाम पर बिफरी शिवसेना

Tue, 18 Jul 2017 02:32 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला/ ब्यूरो, मुंबई Updated Tue, 18 Jul 2017 02:32 AM IST
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Shiv Sena to call in the name of Gandhi for Vice President post
sanjay raut

शिवसेना ने कांग्रेस की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए घोषित प्रत्याशी को लेकर कड़ा विरोध किया है। शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने कहा है कि कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है, जिसने मुंबई बम धमाके के अपराधी याकूब मेमन की फांसी की सजा का विरोध किया था।

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इस बयान से शिवसेना ने गांधी को विवादों के घेरे में ला दिया है और साफ कर दिया है कि गांधी को समर्थन नहीं दे सकते। सोमवार को राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोट डाले गए। वहीं, देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए 5 अगस्त को मतदान होना है।
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विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के तौर पर महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी का नाम आगे किया है। गांधी का नाम घोषित हुए एक सप्ताह हो चुका है, किन्तु विरोध का स्वर अब उठा है। हालांकि जेडीयू सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने गांधी के नाम का समर्थन किया है। लेकिन, शिवसेना ने विरोधी रुख अख्तियार कर कांग्रेस को अड़चन में ला दिया है।
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राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग से पहले सोनिया ने कहा कि ये लड़ाई ओछी और सांप्रदायिक सोच के खिलाफ है।  उन्होंने कहा कि इस चुनाव में आंकड़े हमारे खिलाफ हो सकते हैं, लेकिन हमें मजबूती से लड़ाई लड़नी चाहिए। देश-समाज को संकट से निकालने के लिए मीरा कुमार और गोपालकृष्ण गांधी को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति बनाएंगे।

इसके जवाब में संजय राउत ने कहा कि मैडम सोनिया गांधी बताएं कि किसकी सोच ओछी है। गोपालकृष्ण गांधी ने याकूब मेमन को फांसी से बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ऐसे व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनाना कौन सी मानसिकता है।


दरअसल, 29 जुलाई, 2015 को गोपालकृष्ण गांधी ने याकूब मेमन की खारिज हो चुकी दया याचिका पर फिर से विचार करने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था। इस पत्र का हवाला देते हुए राउत ने कहा कि याकूब मेमन को फांसी हो यह पूरा देश चाहता था लेकिन उस समय गांधी इसके खिलाफ खड़े थे। ऐसी मानसिकता वाले व्यक्ति को संवैधानिक पद पर बैठाना कतई उचित नहीं है।

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