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शरद पवार ने दिखाई ताकत, साबित किया वाकई में हैं वे मराठा सरदार!

Mon, 25 Nov 2019 08:46 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 25 Nov 2019 08:46 PM IST
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Shiv Sena-NCP-Congress MLAs assembled at Hotel Grand Hyatt take a pledge
NCP MLA's in Hayat - फोटो : ANI
शरद पवार ने हयात होटल में 162 विधायकों की मौजूदगी का प्रदर्शन करके साबित कर दिया है कि वे वाकई में मराठा 'सरदार' हैं। पवार ने बताया कि महाराष्ट्र राजनीति की चकाचौंध में चाहे जितना बदलाव आ गया हो, लेकिन अभी उनका कोई सानी नहीं है। एनसीपी उनकी है और पार्टी का करीब-करीब हर विधायक उनके नक्शे कदम पर है।
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क्यों पड़ी पवार को ऐसी जरूरत

शरद पवार ने 1967 से लेकर आज तक कभी प्रदर्शन की राजनीति नहीं की है, लेकिन पहली बार उनके जीवन भर की राजनीतिक साख पर बन आई। वह खुद कहते हैं कि संसदीय इतिहास में उन्होंने कभी वेल में जाकर न मांग रखी और न विरोध दर्ज कराया। पवार के बारे में आम है कि वह राजनीति के चाणक्य हैं। महाराष्ट्र में सतारा समेत तमाम इलाके में शानदार पैठ रखते हैं। इस बार के विधानसभा चुनावों में उन्होंने न केवल शिवाजी के वंशज को चुनाव में हरवाया, बल्कि दमदार मुख्य विपक्षी नेता के रूप में डटे रहे। पवार ने यह ताकत ईडी का नोटिस मिलने के बाद भी दिखाई थी। अपने घर से खुद ईडी के दफ्तर के लिए निकल पड़े और फिर उनके खिलाफ उठता गुबार बैठ गया।

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मीडिया में बनाई 'खलनायक' की छवि

भतीजे अजीत पवार के भाजपा के साथ जाने पर लोगों ने इसे शरद पवार का खेल मानने का संदेह किया। पिछले तीन दिन से वह मीडिया में 'खलनायक' की तरह उनकी छवि बनाई गई और भाजपा के नेताओं ने भी उनकी साख खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां तक कि भतीजे अजीत पवार ने भी आग में घी का काम किया।

ठाकरे-सोनिया की सौंगध

शरद पवार ने सभी विधायकों को उद्धव ठाकरे, सोनिया गांधी का नाम लेकर सौगंध दिलाई। यह संकेत है शिवसेना के साथ कांग्रेस और एनसीपी का किसी तरह का छुआछूत अब नहीं रह गया है। महाविकास अघाड़ी की सरकार बनने का यह साफ तौर पर संकेत है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की 'खौफ' की राजनीति वाली छवि से न डरने का संकेत है। माना जा रहा है कि पवार के नेतृत्व में उठाए गए इस कदम का भारतीय राष्ट्रीय राजनीति में गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि सभी एनसीपी विधायकों की जिम्मेदारी शरद पवार ने ली है। उन्होंने गलत करने वालों को सबक शिकाने का भी एलान किया है।

 

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