{"_id":"5795bcba4f1c1b2b6421e04c","slug":"shah-rukh-khan-gets-notice-from-i-t-department","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शाहरुख खान को आयकर विभाग से नोटिस, विदेशों में निवेश का मांगा ब्योरा ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शाहरुख खान को आयकर विभाग से नोटिस, विदेशों में निवेश का मांगा ब्योरा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 25 Jul 2016 03:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालेधन के शक के दायरे में बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान आ गए हैं। इनकम टैक्स विभाग ने शाहरुख को नोटिस भेजा है। उनसे बरमूडा, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड और दुबई में निवेश का ब्यौरा मांगा गया है। शाहरुख को आईटी ने करीब 15 दिन पहले नोटिस भेजा था। अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि उनके पास कालाधन है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक शाहरुक को इमकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 131 के तहत नोटिस भेजा गया, यह कानून इनकम टैक्स अधिकारियों को जांच करने का हक देता है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि शाहरुख को भेजा गया इनकम टैक्स विभाग का नोटिस सरकार की कालेधन के खिलाफ चलाई जा रही उस मुहिम का हिस्सा है जिसमें वह रईसों और तमाम मशहूर हस्तियों के सीक्रेट मनी तो उजागर करने की कोशिश कर रही है।
विज्ञापन
शाहरुख खान के अलावा कुछ और भारतीय उद्योगपतियों को भी नोटिस जारी कर विदेंशों में उनके निवेश की जानकारी मांगी गई है। माना जा रहा है कि इन्होंने सिंगपुर के जरिए इस तरह काम को अंजाम दिया है।
विज्ञापन
शाहरुख ने भी उठाया आरबीआई की विशेष स्कीम का फायदा?
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट ने बताया कि सरकार कालेधन के खिलाफ गंभीर है, सरकार चाहती है कि जो लोग इस तरह के धन को छिपा रहे उसे वो उजागर करें, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार हो जाएं।
वहीं, एक ऑडिट फर्म के सीनियर मैनेजिंग पार्टनर ने बताया कि सरकार की इस तरह की कार्रवाई से इतना जरूर है कि कोई भी शख्स धन की हेराफेरी करने से पहले दो बार सोचेगा। उन्होंने बताया कि कारोबारियों से लेकर कलाकार तक ऐसे लोगों की जमावड़ा है जिन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की उदारवादी रेमिटेंस स्कीम के जरिए विदेशों में जमीन-जायदाद और संपत्ति बनाई है। इस स्कीम का लाभ लेने वाले जाहिर है कि अब काले धन की जांच के शक के दायरे में होंगे।
वहीं, एक ऑडिट फर्म के सीनियर मैनेजिंग पार्टनर ने बताया कि सरकार की इस तरह की कार्रवाई से इतना जरूर है कि कोई भी शख्स धन की हेराफेरी करने से पहले दो बार सोचेगा। उन्होंने बताया कि कारोबारियों से लेकर कलाकार तक ऐसे लोगों की जमावड़ा है जिन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की उदारवादी रेमिटेंस स्कीम के जरिए विदेशों में जमीन-जायदाद और संपत्ति बनाई है। इस स्कीम का लाभ लेने वाले जाहिर है कि अब काले धन की जांच के शक के दायरे में होंगे।