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यूपीए ने रोक दी थी शब्बीर शाह की हवाला जांच

Fri, 28 Jul 2017 03:22 AM IST
गुंजन कुमार, नई दिल्ली
गुंजन कुमार, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Jul 2017 03:22 AM IST
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Shabbir Shah's hawala inquiry was stopped by UPA
shabbir shah

कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को 2005 में ही गिरफ्तार कर टेरर फंडिंग मामले पर बड़ा खुलासा हो जाता, यदि तत्कालीन यूपीए सरकार ने इसमें अड़ंगा न लगाया होता। उस वक्त सरकार ने यह कहकर दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा को जांच करने से रोक दिया था कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी फंडिंग मामले की तह तक जाएगी।

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इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया जिस कारण शब्बीर शाह भी अदालत में पेशी का फरमान ठुकराता रहा। अब दस साल बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शाह को गिरफ्त में लेकर नए सिरे से टेरर फंडिंग मामले की जांच शुरू कर रहा है।
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ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि 2005 में हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी और शब्बीर शाह के कनेक्शन की जांच कर रही विशेष शाखा को खुली छूट दी गई होती तो दस साल पहले ही बड़ा खुलासा हो जाता।

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Shabbir Shah's hawala inquiry was stopped by UPA
अलगाववादी नेता ग‌िलानी - फोटो : Amar Ujala

तत्कालीन सरकार के इशारे पर ही विशेष शाखा इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की औपचारिकता पूरी कर चुपचाप बैठ गई। उधर ईडी ने भी कानून के मुताबिक दोनों आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

सूत्रों ने बताया कि ईडी निदेशक करनल सिंह ने इस मामले की फाइल फिर से खोलकर शाह को ईडी अदालत से समन भेजना शुरू किया। पहले की तरह समन को नजरअंदाज कर रहे शाह को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। वह दस दिन की ईडी रिमांड पर है।

एनआईए ने भी टेरर फंडिंग मामले में सात अलगाववादियों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक शाह से पूछताछ में काफी सनसनीखेज खुलासे होने वाले हैं। खासतौर से उसकी बेनामी संपत्ति में लगाए गए धन की जांच से फंडिंग के कई चैनलों का खुलासा होगा।

सूत्रों ने बताया कि हवाला डीलर वानी को दुबई के एक डीलर के इशारे पर दिल्ली में 63 लाख रुपए मिले थे। उसे इस रकम को कश्मीर में शाह और एक अन्य आतंकी गुट को देना था।

वानी ने यह भी खुलासा किया था कि उसने पूर्व में शब्बीर शाह को 2.25 करोड़ रुपए दिए थे। यह एक बड़ा मौका था जिसके जरिये टेरर फंडिंग को खंगाला जा सकता था। फिलहाल वानी इस मामले में पांच साल की सजा काटकर आजाद घूम रहा है।

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