{"_id":"657f8734b229bbafe9002643","slug":"second-indigenous-nuclear-plant-in-kakrapar-ready-for-power-generation-2023-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"KAPP: काकरापार में दूसरा स्वदेशी परमाणु संयंत्र बिजली उत्पादन के लिए तैयार; 700 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
KAPP: काकरापार में दूसरा स्वदेशी परमाणु संयंत्र बिजली उत्पादन के लिए तैयार; 700 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन
Mon, 18 Dec 2023 05:11 AM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 18 Dec 2023 05:11 AM IST
सार
काकरापार परमाणु ऊर्जा परियोजना (काप) की यूनिट 4 भारत में घरेलू क्षमता से बन कुल 16 प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर्स (पीएचडब्ल्यूआर) में से दूसरा रिएक्टर है। हर रिएक्टर से 700 मेगावाट बिजली मिलेगी।
विज्ञापन
परमाणु संयंत्र
- फोटो : Reuters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काकरापार में भारत के दूसरे स्वदेशी परमाणु ऊर्जा रिएक्टर ने पहला चुनौतीपूर्ण पड़ाव को पार कर लिया है। परमाणु रिएक्टर में ईंधन के विखंडन की चेन रिएक्शन स्वत: बनाए रखने में सफलता मिली है। आसान भाषा में कहें तो परमाणु ऊर्जा संयंत्र सामान्य ढंग से काम करने और बिजली बनाने के लिए तैयार है। हालांकि, अभी कुछ और परीक्षण किए जाएंगे। यहां से 700 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
विज्ञापन
काकरापार परमाणु ऊर्जा परियोजना (काप) की यूनिट 4 भारत में घरेलू क्षमता से बन कुल 16 प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर्स (पीएचडब्ल्यूआर) में से दूसरा रिएक्टर है। हर रिएक्टर से 700 मेगावाट बिजली मिलेगी। संयंत्र में रात 01:17 बजे हासिल हुई इस उपलब्धि के समय न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एनपीसीआईएल) के अध्यक्ष व एमडी बीसी पाठक मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यूनिट 3 से व्यवसायिक उत्पादन शुरू होने के महज 6 महीने बाद ही मिली यह सफलता महत्वपूर्ण है। क्रांतिकता के लिए परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) के सभी औपचारिक समझौतों का पालन किया गया है। संयंत्र को कड़ी जांच के बाद ही अनुमति दी गई थी। काप-3 और 4 यूनिट्स गुजरात के सूरत में हैं।
विज्ञापन
एनपीसीआईएल ने देश भर में सोलह 700 मेगावाट पीएचडब्ल्यूआर बनाने की योजना बनाई है और इसके लिए वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। राजस्थान के रावतभाटा (आरएपीएस 7 और 8) और हरियाणा के गोरखपुर (जीएचएवीपी 1 और 2) में 700 मेगावाट के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण चल रहा है।
विज्ञापन