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SC की केंद्र को फटकार, कहा-जजों के तबादले की फाइलें ठंडे बस्ते में क्यों
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:05 PM IST
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चीफ जस्टिस जीएस ठाकुर
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करीब 10 महीनों से ठंडे बस्ते में पड़ी जजों के तबादले से संबंधित फाइलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने सरकार से पूछा है कि कोलेजियम की सिफारिश संबंधी फाइल इतने समय से क्यों लंबित है?
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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा, जजों के तबादले और नियुक्ति को लेकर सरकार के पास प्रस्ताव रखे हुए हैं। आप बताइए इन पर क्या हो रहा है? अगर सरकार को कोलेजियम की सिफारशिं मंजूर नहीं है तो फाइलें वापस कर देनी चाहिए थी। पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि फाइलों को इतने से समय तक ठंडे बस्ते में नहीं रखा जा सकता।
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कोलेजियम ने सरकार को 37 नामों पर फिर से विचार करने के लिए कहा था
अटॉर्नी जनरल ने जजों के तबादले की सिफारिशों को लेकर पीठ से सरकार का पक्ष रखने के लिए तीन हफ्ते का वक्त मांगा। हालांकि अटॉर्नी जनरल ने कहा कि नवंबर महीने तक सरकार के पास जजों की नियुक्ति को लेकर कोई भी फाइल लंबित नहीं थी।
हालांकि चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली कोलेजियम ने सरकार को 37 नामों पर फिर से विचार करने के लिए कहा था। इन नामों को लेकर नेगेटिव रिपोर्ट होने के कारण सरकार ने इन्हें कोलेजियम के पास वापस भेज दिया था।
शीर्ष अदालत जजों की नियुक्ति को लेकर कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी और यतीन ओजा ने पीठ से गुहार लगाई कि कुछ प्रभावी आदेश पारित करने की दरकार है क्योंकि हाईकोर्ट के जजों के तबादले को लेकर कई फाइल 10 महीनों से लंबित है।
उनका कहना था कि कोलेजियम की सिफारिशों के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है। हालांकि अटॉर्नी जनरल ने कहा कि प्रक्रिया जारी है। जिसके बाद पीठ ने सरकार को दो हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।
हालांकि चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली कोलेजियम ने सरकार को 37 नामों पर फिर से विचार करने के लिए कहा था। इन नामों को लेकर नेगेटिव रिपोर्ट होने के कारण सरकार ने इन्हें कोलेजियम के पास वापस भेज दिया था।
शीर्ष अदालत जजों की नियुक्ति को लेकर कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी और यतीन ओजा ने पीठ से गुहार लगाई कि कुछ प्रभावी आदेश पारित करने की दरकार है क्योंकि हाईकोर्ट के जजों के तबादले को लेकर कई फाइल 10 महीनों से लंबित है।
उनका कहना था कि कोलेजियम की सिफारिशों के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है। हालांकि अटॉर्नी जनरल ने कहा कि प्रक्रिया जारी है। जिसके बाद पीठ ने सरकार को दो हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।