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तीन तलाक के सिर्फ कानूनी पहलू पर विचार करेंगे: SC

Tue, 14 Feb 2017 09:10 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Tue, 14 Feb 2017 09:10 PM IST
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sc says triple talaq is an issue of human rights
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : SELF

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह मुस्लिमों में तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा के सिर्फ कानूनी पहलू पर ही विचार करेगा। मुस्लिम शरिया के तहत तलाक पर अदालतों की निगरानी की जरूरत है या नहीं, इस बारे में शीर्ष अदालत विचार नहीं करेगी क्योंकि यह वैधानिक मामला है। 

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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति  जेएस खेहर, न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, ‘आप सभी पक्षों के वकील एक साथ बैठकर तय कर लें कि शीर्ष अदालत में इन मसलों को कैसे पेश किया जाए। इन मुद्दों पर फैसले के लिए हम 16 फरवरी की तारीख मुकर्रर कर रहे हैं।’ पीठ ने सभी संबंधित पक्षों से स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी खास मामले के तथ्यात्मक पहलुओं पर विचार नहीं करेगी और इसके बजाय सिर्फ कानूनी मसले पर फैसला देगी। 
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पीठ ने कहा, ‘हम इसके तथ्यों में नहीं जाना चाहते। हम सिर्फ कानूनी पहलू पर ही विचार करने में दिलचस्पी रखते हैं।’

sc says triple talaq is an issue of human rights
ट्रिपल तलाक - फोटो : social media

शीर्ष अदालत ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत तलाक के प्रावधानों को किसी अदालत या अदालत द्वारा नियुक्त किसी मध्यस्थता समिति की निगरानी में लाने की जरूरत है या नहीं, यह सवाल कानूनी दायरे में आता है। 

इस दौरान शीर्ष अदालत ने वकीलों को तीन तलाक के कथित पीड़ितों से जुड़े मामलों का संक्षिप्त ब्योरा दर्ज कराने की अनुमति दे दी। इससे पहले केंद्र ने मुस्लिमों में तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा का विरोध किया था और लिंग समानता तथा धर्मनिरपेक्षता जैसे आधार पर इन पर पुनर्विचार करने की इच्छा जाहिर की थी।

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