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तीन महीने में पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच पूरी करे सीबीआईः सुप्रीम कोर्ट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 17 Oct 2016 10:35 PM IST
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- फोटो : Reuters
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को निर्देश दिया कि वह बिहार में पत्रकार राजदेव रंजन हत्या मामले की जांच तीन माह में पूरी करे। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि हत्या मामले का कोई भी आरोपी आरोप पत्र दायर नहीं होने के आधार पर जमानत न मांगे। पीठ ने सिवान में सत्र न्यायाधीश से भी यह रिपोर्ट मांगी कि जिस दिन ये दो भगौड़े आरोपी- मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव और राजद के विवादित नेता शहाबुद्दीन के साथ नजर आए थे, तब क्या उन्हें घोषित अपराधी करार दिया गया था?
इसी बीच, बिहार सरकार ने पीठ को बताया कि तब इन आरोपियों को घोषित अपराधी करार नहीं दिया गया था। रंजन की पत्नी आशा रंजन ने 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में में दावा किया था कि सीबीआई ने ‘राजनीतिक प्रभाव’ और ‘शहाबुद्दीन के डर’ के कारण इस मामले में जांच शुरू तक नहीं की है। बाद में शीर्ष अदालत ने सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने के लिए कहा और साथ ही बिहार पुलिस से पत्रकार के परिवार को सुरक्षा देने के लिए कहा। पत्रकार के परिवार ने शहाबुद्दीन से जान का खतरा होने का दावा किया है।
अदालत ने रंजन की पत्नी की याचिका के आधार पर शहाबुद्दीन, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव और बिहार सरकार से भी जवाब मांगा है। रंजन की पत्नी ने मामले को बिहार के सिवान से दिल्ली स्थानांतरित करने की भी मांग की है। मालूम हो कि अखबारों में छपी एक तस्वीर में राजद प्रमुख के बेटे को शहाबुद्दीन के दो शार्प शूटरों में से एक के साथ देखा गया था।
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इसी बीच, बिहार सरकार ने पीठ को बताया कि तब इन आरोपियों को घोषित अपराधी करार नहीं दिया गया था। रंजन की पत्नी आशा रंजन ने 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में में दावा किया था कि सीबीआई ने ‘राजनीतिक प्रभाव’ और ‘शहाबुद्दीन के डर’ के कारण इस मामले में जांच शुरू तक नहीं की है। बाद में शीर्ष अदालत ने सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने के लिए कहा और साथ ही बिहार पुलिस से पत्रकार के परिवार को सुरक्षा देने के लिए कहा। पत्रकार के परिवार ने शहाबुद्दीन से जान का खतरा होने का दावा किया है।
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अदालत ने रंजन की पत्नी की याचिका के आधार पर शहाबुद्दीन, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव और बिहार सरकार से भी जवाब मांगा है। रंजन की पत्नी ने मामले को बिहार के सिवान से दिल्ली स्थानांतरित करने की भी मांग की है। मालूम हो कि अखबारों में छपी एक तस्वीर में राजद प्रमुख के बेटे को शहाबुद्दीन के दो शार्प शूटरों में से एक के साथ देखा गया था।
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