{"_id":"59afd8724f1c1b10088b4820","slug":"sc-asks-fb-whatsapp-to-file-detailed-affidavit-within-4-weeks","type":"story","status":"publish","title_hn":"थर्ड पार्टी को डाटा शेयर तो नहीं किया, 4 हफ्ते में दायर करें हलफनामाः SC","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
थर्ड पार्टी को डाटा शेयर तो नहीं किया, 4 हफ्ते में दायर करें हलफनामाः SC
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:35 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्स एप और फेसबुक को हलफनामा देकर यह बताने के लिए कहा है कि क्या वे थर्ड पार्टी को डाटा देते हैं। साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी जानना चाहा है कि क्या वे यूजर्स की प्राइवेसी का संरक्षण करते हैं।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने व्हाट्स एप की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और फेसबुक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दातार के उस आग्रह को स्वीकार कर लिया कि वे इस संबंध में चार हफ्ते में विस्तृत हलफनामा दायर करेंगे।
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सुनवाई केदौरान पीठ कोजानकारी दी गई कि यूजर्स की जानकारी को तीसरे पक्ष से साझा किया जाता है। पीठ ने इस बात पर बेहद हैरानी जताई कि डॉक्टर या डाइटिशियन से हुए संवाद का यूजर्स डाटा इंटरनेट मैसेज सेवा प्रदान करने वाली कंपनियां दूसरों से साझा करती हैं।
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हालांकि व्हाट्स एप ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया। सिब्बल ने कहा कि व्हाट्स एप में दो व्यक्तियों केबीच हुए संवाद को कोई तीसरा पक्ष नहीं पढ़ सकता।
शीर्ष अदालत दो छात्रों की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें यह दावा किया गया है कि व्हाट्स एप की प्राइवेसी पॉलिसी गुमराह करने वाली है। पीठ ने व्हाट्स एप और फेसबुक को याचिकाकर्ता की शंकाएं दूर करने के लिए कहा है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील माधवी दीवान ने कहा कि हम चाहते हैं कि डाटा को साझा नहीं किया जाना चाहिए। इसकेलिए बेहद सरल और स्पष्ट नीति होनी चाहिए। अधिकतर यूजर्स ऐसे हैं जो इस बात से बेखबर हैं कि उनकेकितने डाटा को साझा किया जाता है।
डाटा प्रोटेक्शन पर विचार के लिए कमेटी गठित
सुनवाई केदौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि डाटा प्रोटेक्शन तंत्र का परीक्षण करने के लिए गत 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट केपूर्व जज बीएन श्रीकृष्णा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कानून बनाया जाएगा।
कपिल सिब्बल ने कहा कि व्हाट्स एप के यूजर्स के मोबाइल नंबर, डिवाइस के बारे में जानकारी, रजिस्ट्रेशन इंफॉरमेशन और आखिरी बार देखी गई चीजों को छोड़ कर कुछ भी साझा नहीं किया जाता। अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।