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डीएनए में हुआ खुलासा, सऊदी में आत्मघाती बम धमाका करने वाला था भारतीय नागरिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 01 May 2018 01:58 PM IST
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जेद्दाह हमला
सऊदी अरब ने डीएनए टेस्ट के आधार पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। सऊदी ने दावा किया है कि दो साल पहले जेद्दाह में अमेरिकी दूतावास के बाहर आत्मघाती हमला करने वाला शख्स भारतीय था। इस शख्स का नाम फयाज कागजी था। वह भारतीय नागरिक होने के साथ ही लश्कर-ए-तैयबा का संचालन करता था। एक अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि पिछले साल कागजी का जो डीएनए सैंपल भेजा गया था वह जेद्दाह में आत्मघाती धमाका करने वाले से मैच हो गया है।
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जेद्दाह में 4 जुलाई 2016 को तीन आत्मघाती हमले हुए थे। इस हमले में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। यह उस दिन हुए तीन हमलों में से पहला था जिसने सऊदी को हिला दिया था। बाकी के दो हमले कातिफ की शिया मस्जिद और मदिना की मस्जिद-ए-नबवी के बाहर हुए थे। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत को सूचित किया था कि कागजी जोकि आतंकी संगठन से ताल्लुक रखता है, उसकी मौत हो चुकी है।
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जांचकर्ताओं का मानना है कि कागजी महाराष्ट्र के बीड का रहने वाला था। वह साल 2010 में पुणे की जर्मन बेकरी और 2012 में जेएम रोड पर हुए बम धमाके का मास्टरमाइंड होने के साथ ही आर्थिक मददगार भी था। सूत्रों का कहना है कि कागजी 2006 के औरंगाबाद हथियार मामले में वांटेड था। उसका नाम सीबीआई की इंटरपोल वाली सूची में भी शामिल था। माना जाता है कि कागजी ने ही 26/11 में शामिल दस आतंकियों को हिंदी सिखाई थी।
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पहले भी शक जताया जाता रहा है कि जेद्दा में अमेरिकी दूतावास के सामने खुद को बम से उड़ाने वाला फिदायीन महाराष्ट्र का भगोड़ा फयाज कागजी ही था। हालांकि उस समय जेद्दा के फिदायीन की पहचान पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल्ला गुलजार खान के तौर पर की गई थी। मगर महाराष्ट्र एटीएस ने शक जताया था कि वह महाराष्ट्र का भगोड़ा कागजी हो सकता है। जिसकी अब सऊदी प्रशासन ने पुष्टि कर दी है।