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Hindu Controversy: सतीश जरकीहोली ने राहु काल में किया था नामांकन दाखिल, कब्रिस्तान में रहने के लिए भी चर्चित
Tue, 08 Nov 2022 08:57 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 08 Nov 2022 08:57 PM IST
सार
जहां अधिकांश राजनेता शुभ दिन और समय की तलाश करते हैं, अंध-विश्वास विरोधी संगठन 'मानव बंधुत्व वेदिके' के संस्थापक सतीश ने 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले राहु काल पर नामांकन दाखिल किया था।
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Satish Jarkiholi
- फोटो : ANI
विस्तार
हिंदू शब्द की उत्पत्ति और इसके "गंदे अर्थ" पर अपने बयान के लिए राजनीतिक तूफान ला चुके सतीश लक्ष्मणराव जारकीहोली इससे पहले भी चर्चा में रहे हैं। वह अपने अधिकतर राजनीतिक साथियों से अलग हैं। उन्होंने एक बार अपना चुनाव नामांकन अशुभ राहु काल में दाखिल किया था और वह कब्रिस्तान में रहने के लिए भी चर्चित रहे हैं। यमकानमर्डी निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक जरकीहोली साहूकार के नाम से जाने जाते हैं। वह अपने मन की बात कहने के लिए जाने जाते हैं और एक अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता हैं और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बेलगावी जिले के एक नामी चीनी व्यापारी हैं।
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बेलगावी जिले में काफी दबदबा
नायक/वाल्मीकि समुदाय से आने वाले 60 वर्षीय राजनीतिक रूप से प्रभावशाली जरकीहोली पांच भाइयों में से हैं, जिनका बेलगावी जिले में काफी दबदबा है। यहां कट्टिस, जोलेस और हुक्केरिस जैसे अन्य प्रभावशाली राजनीतिक परिवार हैं। भाजपा के गोकक विधायक और पूर्व मंत्री रमेश जारकीहोली भाइयों में सबसे बड़े हैं, उनके बाद सतीश हैं। इसके बाद अराभवी विधायक बालचंद्र जरकीहोली (भाजपा), भीमशी जारकीहोली और लखन जारकीहोली (निर्दलीय एमएलसी) हैं। अक्सर ये भाई आपस में ही राजनीतिक विरोधी बन जाते हैं। अन्य भाई थोड़ा धार्मिक माने जाते हैं लेकिन वर्तमान में कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश ऐसे नहीं हैं।
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राहु काल में किया था नामांकन का एलान
जहां अधिकांश राजनेता ज्योतिष और नामांकन दाखिल करने के लिए शुभ दिन और समय की तलाश करते हैं, अंध-विश्वास विरोधी संगठन 'मानव बंधुत्व वेदिके' के संस्थापक सतीश ने 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले कहा था कि मैं एक बुरे दिन राहु काल पर नामांकन दाखिल करूंगा। सतीश शुगर्स के मृदुभाषी संस्थापक अध्यक्ष सतीश अपने निर्वाचन क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में और सहकारी क्षेत्र में भी लोकप्रिय हैं। उन्हें बी आर अंबेडकर की पुण्यतिथि के दौरान बेलगावी में अपने कब्रिस्तान में रहने के लिए जाना जाता है। वह एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जद (एस) -गठबंधन कैबिनेट में वन और पर्यावरण मंत्री थे और सिद्धारमैया के नेतृत्व वाले कैबिनेट में लघु उद्योग और उत्पाद शुल्क विभागों को संभाला था।
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सतीश जारकीहोली उन लोगों में शामिल थे जो 2006 में सिद्धारमैया के जेडीएस छोड़ने के बाद उनके साथ चले गए थे। बाद में जब सिद्धारमैया 2013 के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी से सीएम बने तो सतीश ने कथित तौर पर पोर्टफोलियो से नाखुश होकर आबकारी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बेलागवी लोकसभा सीट से 2021 का उपचुनाव लड़ा था, जो मौजूदा सांसद और पूर्व रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन के बाद खाली हुई थी। उन्हें अंगड़ी की पत्नी मंगला सुरेश ने 5,240 मतों के अंतर से हराया था।