{"_id":"584a90c64f1c1b732a448f0a","slug":"sasikalaa-s-husband-natarajan-is-back-after-jayalalithaa-death","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जयललिता की मौत के बाद राजनीति में वापस लौटे शशिकला के पति नटराजन","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
जयललिता की मौत के बाद राजनीति में वापस लौटे शशिकला के पति नटराजन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Dec 2016 04:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तामिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी रहीं शशिकला के पति नटराजन की लंबे अर्से के बाद सार्वजनिक जीवन में वापसी हुई है। मंगलवार को जब राजाजी हाल में जयललिता के मृत शरीर के पास शशिकला के परिवार को लोग खड़े थे, उस वक्त भीड़ में जिस चेहरे को देखकर सबको हैरानी हो रही थी वो शशिकला के पति नटराजन थे।
नटराजन चुपचाप उस शीशेनुमा ताबूत के सर की तरफ खड़े थे जिसमें बाद में जयललिता के शरीर को रखा गया। नटराजन की इस हरकत की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया पर जयललिता के समर्थकों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा।
2011 में जयललिता ने शशिकला के परिवार के सभी सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया था। इस घटना के दो महीने के बाद ही तंजावुर पुलिस ने नटराजन को जमीन हथियाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। नटराजन बीते कुछ सालों से गुमनामी में जीवन जी रहे थे। हमेशा लो-प्रोफाइल रहने वाले नटराजन ने ही जयललिता और उनके राजनीतिक गुरु रहे एमजी. रामचंद्रन की पत्नी जानकी के धड़े को 1989 में एक साथ लाने का काम किया था। शशिकला की जयललिता से पहली मुलाकात नटराजन ने ही कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नटराजन चुपचाप उस शीशेनुमा ताबूत के सर की तरफ खड़े थे जिसमें बाद में जयललिता के शरीर को रखा गया। नटराजन की इस हरकत की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया पर जयललिता के समर्थकों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा।
विज्ञापन
2011 में जयललिता ने शशिकला के परिवार के सभी सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया था। इस घटना के दो महीने के बाद ही तंजावुर पुलिस ने नटराजन को जमीन हथियाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। नटराजन बीते कुछ सालों से गुमनामी में जीवन जी रहे थे। हमेशा लो-प्रोफाइल रहने वाले नटराजन ने ही जयललिता और उनके राजनीतिक गुरु रहे एमजी. रामचंद्रन की पत्नी जानकी के धड़े को 1989 में एक साथ लाने का काम किया था। शशिकला की जयललिता से पहली मुलाकात नटराजन ने ही कराई थी।
विज्ञापन
जब जयललिता ने नटराजन को घर से निकाल दिया..
जयललिता के बतौर मुख्यमंत्री पहले कार्यकाल के खत्म होने के समय शशिकला और नटराजन के बीच अलगाव की खबरें आने लगी, इसके साथ ही जयललिता और नटराजन के बीच भी रिश्ते खराब होने लगे। संबंध इस कदर खराब हुए कि जयललिता ने 1996 में अपने आवास, पोएस गार्डन से नटराजन को बाहर निकलवा दिया।
हालांकि इन सबके बावजूद नटराजन का पार्टी में प्रभाव कम नहीं हुआ। हर चुनाव से पहले उनके आवास पर टिकट के लिए उम्मीदवारों की लंबी लाइन लगा करती थी। एक वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता का कहना है कि नटराजन दिल्ली में पार्टी के लिए एक लॉबिस्ट के तौर पर सक्रिय थे और आगे भी दिल्ली में पार्टी के लिए बड़े काम कर सकते हैं।
पांच साल की खामोशी के बाद राजनीतिक गलियारों में शशिकला के पति की वापसी एक अहम घटना है। नटराजन के भाजपा और कांग्रेस, दोनों से अच्छे संबंध हैं।
हालांकि इन सबके बावजूद नटराजन का पार्टी में प्रभाव कम नहीं हुआ। हर चुनाव से पहले उनके आवास पर टिकट के लिए उम्मीदवारों की लंबी लाइन लगा करती थी। एक वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता का कहना है कि नटराजन दिल्ली में पार्टी के लिए एक लॉबिस्ट के तौर पर सक्रिय थे और आगे भी दिल्ली में पार्टी के लिए बड़े काम कर सकते हैं।
पांच साल की खामोशी के बाद राजनीतिक गलियारों में शशिकला के पति की वापसी एक अहम घटना है। नटराजन के भाजपा और कांग्रेस, दोनों से अच्छे संबंध हैं।