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'टोरेंट पावर' प्रोजेक्ट विवाद: क्या पीएम के दौरे से पहले 32 हजार पेड़ काटे जाएंगे? राउत ने केंद्र पर लगाए आरोप

Tue, 27 Oct 2026 03:07 PM IST
अमन मौर्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन मौर्या Updated Tue, 27 Oct 2026 03:07 PM IST
सार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए भीमाशंकर के पास 32,000 से ज्यादा पेड़ काटने का आदेश दिया गया है। उन्होंने महायुति सरकार और इस कदम की कड़ी आलोचना की है।

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sanjay raut alleges 32000 trees ordered to fell before pm modi visit hydropower project
संजय राउत, सांसद, शिवसेना यूबीटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र वन विभाग को आदेश दिया गया है कि वह पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पास 32,000 से ज्यादा पेड़ काटे। यह आदेश अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले दिया गया है, जो एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखने के लिए आ रहे हैं। राउत ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में वन अधिकारी द्वारा जारी किया गया एक पत्र साझा किया।
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संजय राउत द्वारा जारी पत्र में क्या? 
इसमें बताया गया है कि रायगढ़ जिले में 13,505 करोड़ रुपये की लागत वाले 'सैडोंगर-I कर्जत पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट' के लिए 233 हेक्टेयर जमीन के इस्तेमाल (डायवर्जन) को मंजूरी दे दी गई है। पत्र के अनुसार, 3,000 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना को स्थापित करने के लिए कर्जत में 197 हेक्टेयर आरक्षित वन, 26 हेक्टेयर निजी वन और नौ हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि को साफ करना होगा।
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विपक्ष ने क्या कहा?
विपक्ष और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने गुजरात की कंपनी 'टोरेंट पावर' की इस परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने 'महायुति' सरकार पर जंगलों और वन्यजीवों को नष्ट करने का आरोप लगाया है। यह प्रस्तावित परियोजना भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य से 16 किमी और भीमाशंकर मंदिर से 20 किमी दूर है। 13,505 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से राज्य और अन्य क्षेत्रों में ग्रिड की विश्वसनीयता और ऊर्जा सुरक्षा में मदद मिलने की उम्मीद है। कर्जत ईस्ट रेंज के वन अधिकारी समीर शिंदे द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पेड़ों की कटाई केवल उन्हीं 32,490 पेड़ों तक सीमित रहनी चाहिए, जिन्हें इस प्रस्ताव के तहत काटने की मंजूरी दी गई है।

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राउत द्वारा साझा किए गए पत्र में कहा गया है, तीन नवंबर, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे और परियोजना के उद्घाटन समारोह को देखते हुए, परियोजना क्षेत्र में आने वाले पेड़ों को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए।' सेना (यूबीटी) नेता ने इस पहल का समर्थन करने के लिए वरिष्ठ वकील और भाजपा द्वारा नामित राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें हरियाली को नष्ट करने वालों का साथ देने के बजाय आम जनता की वकालत करनी चाहिए।
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