Samruddhi Expressway Tragedy: परिवहन आयुक्त का ARAI से अनुरोध, स्लीपर कोच बसों की डिजाइन की हो समीक्षा
महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने कहा, एआरएआई से बसों के डिजाइन का दोबारा निरीक्षण करने का अनुरोध किया है। एआरएआई, जो भारत सरकार द्वारा अधिसूचित एक प्रमुख वाहन परीक्षण और प्रमाणन एजेंसी है।
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यह कदम पिछले हफ्ते समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर हुई भीषण त्रासदी के बाद उठाया गया, जहां एक स्लीपर कोच बस में आग लगने से 25 यात्रियों की मौत हो गई थी। महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने कहा, एआरएआई से बसों के डिजाइन का दोबारा निरीक्षण करने का अनुरोध किया है। एआरएआई, जो भारत सरकार द्वारा अधिसूचित एक प्रमुख वाहन परीक्षण और प्रमाणन एजेंसी है। एआरएआई ने स्लीपर कोच बसों के लिए ऑटोमोटिव उद्योग मानक तैयार किए थे।
25 लोगों की हुई थी मौत
नागपुर से पुणे जा रही बस समृद्धि एक्सप्रेसवे पर बुलढाणा के बस पलट गई थी। जिसके बाद बस में आग लग गई। बुलढाणा पुलिस के डिप्टी एसपी बाबूराव महामुनि के मुताबिक, बस में 33 लोग सवार थे। जिनमें से 25 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। वहीं, अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरटीओ की रिपोर्ट आई सामने
दर्दनाक बस हादसे की वजह टायर फटना नहीं था, जैसा कि ड्राइवर ने पुलिस को बताया है। अमरावती के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने टायर फटने या तेज रफ्तार के चलते बस के पलटने की संभावना को खारिज कर दिया है। आरटीओ का कहना है कि घटनास्थल पर रबर के टुकड़े या टायर के कोई निशान नहीं मिले। घटना के प्रभाव का निशान व्हील डिस्क पर था, जो मुड़ा हुआ था। आरटीओ ने हादसे में जिंदा बचे लोगों से बातचीत और मौके का मुआयना करने के बाद तैयार की रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जीवित बचे एक यात्री ने बताया कि बस सड़क के दाईं ओर एक स्टील के खंभे से टकराई थी जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस डिवाइडर से टकराई और पलट गई। रिपोर्ट में यह भी है बस की गति बहुत अधिक नहीं रही होगी।