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गुजरात में कांग्रेस के प्रचार की कमान संभालने पहुंचे सैम पित्रोदा
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:50 PM IST
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sam pitroda
- फोटो : social media
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सैम पित्रोदा एक बार फिर गुजरात में हैं। कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने में जुटे सैम अपने चिर-परिचित कुर्ता पजामा और गांधी टोपी में नजर आ रहे हैं। आगामी दिसंबर में होने वाले गुजरात चुनाव के प्रचार में पित्रोदा जोर-शोर से जुटे हैं।
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नाम न छापने की शर्त पर कांग्रेस के जेनरल सेक्रेटरी ने कहा कि अगर सबकुछ वैसा होता है जैसी योजना है तो अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो सैम अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जितना मैं राहुल को जानता हूं वो कोई भी आधिकारिक नियुक्ति स्वीकार नहीं करेंगे। और सैम देश के अगले मनमोहन होंगे।
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पार्टी के महासचिव का ये बयान निश्चित रूप से अटकलों के दायरे में है, भले ही एक राजनीतिक आवाज के रूप में भले ही किसी का भी ध्यान पित्रोदा के ऊपर न हो लेकिन वो हर दिन एक नया बयान देकर ध्यान आकर्षित करने में जुटे हैं।
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सैम ने कहा कि अगर आप प्रजातंत्र की बात करते हैं आपको कलेक्टिव लीडरशिप की बात करनी होती है, न की कोई एक आदमी आपके सारे निर्णय ले चाहें वो भगवान ही क्यों न हो। पित्रोदा सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे थे।
राजनीति में पित्रोदा की दूसरी इनिंग है
sam pitroda
- फोटो : social media
राजनीति में पित्रोदा की दूसरी इनिंग है।इससे पहले पित्रोदा प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में उनके करीबी और सलाहकार रहे थे। उन्हें भारत में टेलीकॉम क्रांति लाने का क्रेडित दिया जाता रहा है। सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा 75 साल के हो चुके हैं। कांग्रेस का सैम को गुजरात के चुनाव प्रचार में उतारने का सबसे बड़ा मकसद ये है कि वे गुजराती हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में पित्रोदा नेशनल नॉलेज कमीशन के सलाहकार भी रह चुके हैं।
पार्टी का गुजरात में पित्रोदा को लांच करने का दो कारण माना जा रहा है पहला कि वो गुजराती हैं और दूसरा वो शहरी युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। ये खासकर उन क्षेत्रों की बात हैं जहां पारंपरिक तौर पर बीजेपी कांग्रेस से काफी आगे रही है। पित्रोदा इस चुनाव में गुजरात के पांच शहरों बडोदड़ा, अहमदाबाद, राजकोट, जामनगर और सूरत में गुजरातियों को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस के बनाए गए मैनिफेस्टो को बनाने में पित्रोदा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने ये पूरा मैनिफेस्टो छोटे व्यापारियों, महिलाओं और कर्मचारियों से बात कर तैयार किया है। पिपुल्स मैनिफेस्टो में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे और मझोले इंटरप्राजेज सहित और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखा है।
वैसे राहुल के बदले हुए रूप रंग का क्रेडिट भी सैम पित्रोदा को दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि अमेरिका में राहुल की स्पीच से लेकर उनके पहनावे तक का ध्यान सैम की देखरेख में किया गया है। सैम राहुल से करीब 30 साल से ज्यादा बड़े हैं और राहुल उन्हें सैम ही बुलाते आ रहे हैं।
पार्टी का गुजरात में पित्रोदा को लांच करने का दो कारण माना जा रहा है पहला कि वो गुजराती हैं और दूसरा वो शहरी युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं। ये खासकर उन क्षेत्रों की बात हैं जहां पारंपरिक तौर पर बीजेपी कांग्रेस से काफी आगे रही है। पित्रोदा इस चुनाव में गुजरात के पांच शहरों बडोदड़ा, अहमदाबाद, राजकोट, जामनगर और सूरत में गुजरातियों को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस के बनाए गए मैनिफेस्टो को बनाने में पित्रोदा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने ये पूरा मैनिफेस्टो छोटे व्यापारियों, महिलाओं और कर्मचारियों से बात कर तैयार किया है। पिपुल्स मैनिफेस्टो में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे और मझोले इंटरप्राजेज सहित और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखा है।
वैसे राहुल के बदले हुए रूप रंग का क्रेडिट भी सैम पित्रोदा को दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि अमेरिका में राहुल की स्पीच से लेकर उनके पहनावे तक का ध्यान सैम की देखरेख में किया गया है। सैम राहुल से करीब 30 साल से ज्यादा बड़े हैं और राहुल उन्हें सैम ही बुलाते आ रहे हैं।