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ओडिशा: दो माह पूर्व ही रद्द हो गई थी अस्पताल की मान्यता

Wed, 19 Oct 2016 05:58 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 19 Oct 2016 05:58 PM IST
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Sum Hospital was running without NABH accredition
SUM Hospital - फोटो : PTI

भुवनेश्वर के सम अस्पताल में लगी आग के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  इस मामले सरकार की लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए एनएचआरसी ने राज्‍य सरकार को नोटिस भेजा है। इसके अलावा स्वास्‍थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी सम अस्पताल का दौरा किया और घायलों को हर संभव मदद देने की बात की।

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गौरतलब है कि सम अस्पताल में सोमवार शाम को लगी आग में 23 लोगों ने जान गंवा दी थी और लगभग 105 गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल  के सुप्रीटेंडेंट पुष्पराज सामंत, सेफ्टी ऑफिसर संतोष दास, इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस इंजीनियर अमूल्य साहू और जूनियर इंजीनियर माल्या साहू को गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्तार हुए लोगों में एक फायर सेफ्टी ऑफिसर भी शामिल है। सब पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा अग्‍निशमन विभाग की तरफ से भी अस्पताल के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उसमें शिकायत की गई है कि 2013 में उन्होंने फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान कुछ सिफारिशें की थी जिन्हें माना नहीं गया।  

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NABH मान्यता बिन चल रहा था सम अस्पताल

Sum Hospital was running without NABH accredition
सम अस्‍पताल

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दो माह पहले की अस्पताल की मान्यता रद्द हो चुकी थी। बावजूद इसके अस्पताल को चलाया जा रहा था। गौरतलब है कि मान्यता अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NABH) द्वारा दी जाती है।

जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की मान्यता वहां की गुणवत्ता मानकों की कमी और आग से निपटने के लिए उपायों को लेकर ही रद्द की गई थी। एनएबीएच के सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अस्पताल के निरीक्षण के दौरान पता लगा था कि अस्पताल ने अपना फायर नो ओबजेक्शन सर्टिफिकेट  2013 से रिन्यू ही नहीं करवाया था। साथ ही साथ आग से निपटने के लिए वहां मौजूद स्टाफ भी तैयार नहीं था।

अस्पताल को उसका पहला एनएबीएच सर्टिफिकेट जून 2013 में मिला था। गौरतलब है कि अस्पताल में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही थी। आग लगने के बाद पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। कुछ मरीजों की मौत दम घुटने के कारण हुई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।

हाल ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर पोस्ट कर घटना पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि हादसे के पीड़ितों के लिए मेरी संवेदनाएं है। मोदी ने आग में घायल हुए सभी लोगों को दिल्ली के एम्स लाने को कहा था। इसके अलावा पीएम मोदी ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी घटना के बारे में बातचीत की थी।

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