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केरल सरकार की दो टूक, सबरीमाला मंदिर जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा देने की कोई योजना नहीं
Fri, 15 Nov 2019 04:44 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: अमित कुमार
Updated Fri, 15 Nov 2019 04:44 PM IST
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sabarimala
सबरीमाला मंदिर मामले में केरल सरकार ने दो टूक कह दिया है कि वह मंदिर में जाने वाली महिलाओं को नहीं रोकेगी, लेकिन उन्हें सुरक्षा देने की भी कोई योजना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यह मामला सात जजों की पीठ को सौंप दिया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने राज्य सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सबरीमाला पर दिए फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई है। अब सरकार हमें सुरक्षा मुहैया कराए या नहीं, लेकिन हम वहां जाएंगे। हमें सुरक्षा न देकर वे कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।
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शीर्ष अदालत ने इससे पहले महिलाओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी थी। मगर फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर हुईं, जिस पर अदालत ने फैसला सुनाते हुए इसे सात जजों की पीठ के पास भेज दिया।
Kerala Devaswom Board Minister K Surendran: State government won't provide protection to any woman visiting Sabarimala Temple. Activists like Trupti Desai shouldn't see Sabarimala as a place to show their strength. If she needs police protection, she should get an order from SC. pic.twitter.com/0wecBgOsgc
— ANI (@ANI) November 15, 2019
केरल में मंदिर मामलों से जुड़े मंत्री काडाकंपाली सुरेंद्रन ने कहा कि प्रदेश सरकार मंदिर में प्रवेश करने वाली किसी भी महिला को सुरक्षा नहीं देगी। तृप्ति देसाई जैसी सामाजिक कार्यकर्ता सबरीमाला मंदिर को अपनी ताकत दिखाने का जरिया न समझें। अगर उन्हें पुलिस सुरक्षा चाहिए तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट से आदेश लाना होगा।
यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सुरेंद्रन ने आगे कहा कि सरकार महिलाओं को गेट तोड़कर मंदिर में घुसने के लिए प्रोत्साहित नहीं करेगी। मंदिर को यथास्थिति बनाए रखा जाए। सरकार शांति चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मामले को दायर पुनर्विचार याचिका को बड़ी पीठ को सौंप दी थी।