फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RTI reveals Dilip Ghosh gave incorrect info about education in poll affidavit

बंगाल के भाजपा अध्यक्ष की शैक्षणिक योग्यता पर उठे सवाल

Sun, 09 Apr 2017 05:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता Updated Sun, 09 Apr 2017 05:12 AM IST
विज्ञापन
RTI reveals Dilip Ghosh gave incorrect info about education in poll affidavit
दिलीप घोष - फोटो : twitter

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से अब पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़ा हो गया है। घोष ने बीते साल विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामे में झाड़ग्राम पॉलीटेकनिक कालेज से डिप्लोमा हासिल करने का दावा किया था। उन्होंने इस बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया था। लेकिन अब सूचना के अधिकार के तहत मिली एक जानकारी से उनका यह दावा झूठा नजर आ रहा है।

विज्ञापन


भाजपा से निकाले गए एक नेता अशोक सरकार ने बीती जनवरी में उक्त कानून के तहत घोष की शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानकारी मांगी थी। अब ईश्वर चंद्र विद्यासागर पॉलीटेकनिक से मिले जवाब में कहा गया है कि घोष ने वर्ष 1975 से 1990 के बीच इस कालेज से ऐसी कोई परीक्षा नहीं पास की है। झाड़ग्राम में दूसरा कोई पॉलीटेकनिक नहीं है।
विज्ञापन


घोष का जन्म वर्ष 1964 में हुआ था। अब 1975 में डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए उनकी उम्र बहुत कम थी और 1990 में बहुत ज्यादा। वे 1990 में 26 साल के थे जबकि डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र 21 साल है। अब सरकार ने इस आधार पर घोष से इस्तीफा देने की मांग की है। घोष पूर्व मेदिनीपुर जिले की खड़गपुर सीट से विधायक हैं। सरकार ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1975 से 1990 की समयसीमा नहीं चुनी थी। संस्थान ने घोष की उम्र को ध्यान में रखते हुए खुद यह समयसीमा तय की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी ओर, दिलीप घोष ने इस जानकारी पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहें तो अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। उधर, सरकार ने कहा है कि वे कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। पहले वे इस बारे में चुनाव आयोग को लिखेंगे और फिर विधानसभा अध्यक्ष को। 


अगर इन दोनों में से किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वे अदालत की शरण में जाएंगे। सरकार ने भी बीते साल भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। लेकिन बाद में घोष से उनकी दूरी बढ़ गई। यह मामला सामने आने के बाद माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने भी घोष के इस्तीफे की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि पार्टी विधानसभा में यह मुद्दा उठाएगी। विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्ना ने कहा है कि वे पूरे मामले के बारीकी से अध्ययन और पुष्टि के बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed