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Belapur Hill: 2.3 लाख वर्गफीट जमीन पर धार्मिक ट्रस्ट-मंदिरों का अतिक्रमण; इस इलाके में भूस्खलन के गंभीर खतरे
Thu, 04 Jul 2024 06:56 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 04 Jul 2024 06:56 PM IST
सार
सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र की बेलापुर पहाड़ी पर 2.3 लाख वर्ग फीट जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। आरटीआई के तहत मिले जवाब के मुताबिक अतिक्रमण का आरोप धार्मिक ट्रस्टों और मंदिरों पर लगा है।
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सूचना का अधिकार (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र में नवी मुंबई की बेलापुर पहाड़ी भूस्खलन की आशंका वाला इलाका है। बेलापुर हिल पर 30 धार्मिक ट्रस्टों और मंदिरों ने 2.30 लाख वर्ग फीट से अधिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। यह चौंकाने वाली जानकारी सूचना का अधिकार कानून (RTI) के तहत दायर एक आवेदन पर सामने आई है। सूचना के अधिकार के तहत दायर याचिका पर सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको) की तरफ से मिले जवाब में सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह मिली है कि अलग-अलग नागरिक समूहों की तरफ से दायर शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं की आशंका
आरटीआई याचिका दायर करने वाले नैटकनेक्ट फाउंडेशन के संस्थापक बीएन कुमार ने बताया, इतने व्यापक पैमाने पर अतिक्रमण से पर्यावरण संबंधी परेशानी पैदा होती है। धार्मिक आयोजनों के दौरान इन परिसरों में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में अव्यवस्था के कारण भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
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नौ साल के दौरान कई बार शिकायतें हुईं, कार्रवाई नहीं
बीएन कुमार के मुताबिक जितने भूभाग पर अतिक्रमण हुआ है, इसमें सबसे बड़ा क्षेत्रफल 43 हजार वर्गफीट में फैले मंदिर का है। इसके अलावा कई संरचनाएं लगभग दो हजार वर्गफीट में फैली हुई हैं। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण उस क्षेत्र की मिट्टी ढीली हो गई है। 2015 के बाद बीते लगभग नौ साल में कई बार अतिक्रमण की शिकायतें की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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30 जगहों को ध्वस्त करने के लिए नोटिस दिए गए; पर्याप्त पुलिस के अभाव में नहीं हटा अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए नागरिक समूहों की तरफ से इसी साल अप्रैल में 'बेलापुर हिल बचाओ' रैली भी आयोजित की गई थी। महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। इस मामले पर 17 जुलाई को सुनवाई होनी है। आरटीआई के जवाब में सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको) ने अतिक्रमण न हटाए जाने के संबंध में कहा, 30 जगहों को ध्वस्त करने के लिए नोटिस दिए गए थे। हालांकि 10 से 12 जून के बीच इन संरचनाओं को गिराने का अभियान पुलिस सुरक्षा की कमी के कारण नहीं चलाया जा सका।