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अमेरिका में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत- हिंदूओं का एक साथ आना मुश्किल,इसलिए हैं प्रताड़ित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 08 Sep 2018 05:29 PM IST
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
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अमेरिका के शिकागो में विश्व हिंदू कांग्रेस को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज में प्रतिभावानों की संख्या सबसे ज्यादा है, लेकिन वे कभी साथ नहीं आते। हिंदुओं का साथ आना ही मुश्किल है। संघ प्रमुख ने हिंदू समुदाय से एकजुट होकर मानव कल्याण के लिए काम करने की अपील भी की।
संबोधन की खास बातें
कहा, आध्यात्मिकता को भूलने के कारण प्रताड़ित हो रहे हिंदू
एकजुट होकर मानव कल्याण के लिए काम करे हिंदू समुदाय
हिंदू विरोध के लिए नहीं जीते, कुछ लोग हिंदुओं का विरोध करते हैं
शिकागो में स्वामी विवेकानंद के 11 सितंबर, 1893 को दिए चर्चित भाषण के 125 साल पूरे होने पर 7 से 9 सितंबर तक विश्व हिंदू कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में 80 देशों के करीब 2,500 लोगों को संबोधित करते हुए भागवत ने हिंदू धर्म के सिद्धांत ‘सुमंत्रिते सुविक्रांते’ से प्रेरित होकर कहा कि हिंदू समाज को साथ आना ही होगा।
लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकसाथ सोचना और बहादुरी से काम करना होगा। समाज के तौर पर काम करने से ही हिंदू समुदाय प्रगति कर सकेगा। भागवत ने कहा कि हिंदू किसी का विरोध करने के लिए नहीं जीते। यहां तक कि हिंदू धर्म में कीट-पतंगों को भी मारने की अनुमति नहीं है। हालांकि, कुछ लोग हिंदुओं का विरोध कर सकते हैं।
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मोहन भागवत ने ये भी कहा कि हिंदूओं को हिंदु धर्म की निंदा करने वालों को बिना नुकसान पहुंचाए उनसे निपटना पड़ेगा। हिंदुओं को खुद को तैयार करना होगा, ताकि विरोध करने वाले नुकसान नहीं पहुंचा पाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू अपने मूल सिद्धांतों और आध्यात्मिकता को भूलने के कारण हजारों साल से प्रताड़ित हो रहा है।
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संबोधन की खास बातें
कहा, आध्यात्मिकता को भूलने के कारण प्रताड़ित हो रहे हिंदू
एकजुट होकर मानव कल्याण के लिए काम करे हिंदू समुदाय
हिंदू विरोध के लिए नहीं जीते, कुछ लोग हिंदुओं का विरोध करते हैं
शिकागो में स्वामी विवेकानंद के 11 सितंबर, 1893 को दिए चर्चित भाषण के 125 साल पूरे होने पर 7 से 9 सितंबर तक विश्व हिंदू कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में 80 देशों के करीब 2,500 लोगों को संबोधित करते हुए भागवत ने हिंदू धर्म के सिद्धांत ‘सुमंत्रिते सुविक्रांते’ से प्रेरित होकर कहा कि हिंदू समाज को साथ आना ही होगा।
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लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकसाथ सोचना और बहादुरी से काम करना होगा। समाज के तौर पर काम करने से ही हिंदू समुदाय प्रगति कर सकेगा। भागवत ने कहा कि हिंदू किसी का विरोध करने के लिए नहीं जीते। यहां तक कि हिंदू धर्म में कीट-पतंगों को भी मारने की अनुमति नहीं है। हालांकि, कुछ लोग हिंदुओं का विरोध कर सकते हैं।
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मोहन भागवत ने ये भी कहा कि हिंदूओं को हिंदु धर्म की निंदा करने वालों को बिना नुकसान पहुंचाए उनसे निपटना पड़ेगा। हिंदुओं को खुद को तैयार करना होगा, ताकि विरोध करने वाले नुकसान नहीं पहुंचा पाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू अपने मूल सिद्धांतों और आध्यात्मिकता को भूलने के कारण हजारों साल से प्रताड़ित हो रहा है।
शिकागो में मोहन भागवत
भाषण के मुख्य अंश-
शेर और कुत्ते का उदाहरण
संघ प्रमुख ने कहा, ‘हमें नहीं भूलना चाहिए कि अगर शेर अकेला है, तो कुत्ते उस पर चढ़ाई कर खत्म कर सकते हैं। हम दुनिया को बेहतर बनाना चाहते हैं। लोगों पर हुकूमत करने की हमारी इच्छा नहीं है। हमारा प्रभाव विजय या उपनिवेशवाद का नतीजा नहीं है। मैं भी आधुनिकता का विरोधी नहीं हूं, बल्कि बेहतर भविष्य का समर्थक हूं। हिंदू धर्म प्राचीन और आधुनिकता से बहुत आगे है।’
आम सहमति को स्वीकारने से दुनिया बनेगी टीम
भागवत ने कहा कि अहंकार पर नियंत्रण और आम सहमति को स्वीकार करने से ही पूरी दुनिया को एक टीम बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए भगवान कृष्ण और युधिष्ठर ने कभी एकदूसरे की बात नहीं काटी। राजनीति योग या ध्यान सत्र की तरह नहीं की जा सकती है। अच्छी बात है कि आज हम सभी साथ काम करने की स्थिति में भी हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने एक मिनट मौन रख कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेखक वीएस नायपॉल को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में 250 से ज्यादा वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में आर्थिक, शैक्षणिक, मीडिया, सांगठनिक, राजनीतिक और महिलाओं व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वैश्विक हिंदू समुदाय के मूल्यों, रचनात्मकता और उद्यमिता को प्रदर्शित करने की योजना है।
अरविंद पनगढ़िया भी रहे मौजूद
मोदी सरकार में नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया भी मौजूद रहे। वह कोलंबिया यूनिवर्सिटी से भी जुड़े हैं। हाल में उन्होंने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया था।
विश्व हिंदू कांग्रेस के अध्यक्ष एसपी कोठारी ने कहा ‘विश्व हिंदू कांग्रेस का लक्ष्य लोगोें को प्रबुद्ध व आधुनिक बनाना और सुधार करना है। विश्व हिंदू कांग्रेस दुनिया भर में लोगों को आध्यात्मिकता, सद्भाव और समग्रता के जरिये हिुदू समुदाय के बारे में जागरूक कर रहा है। हिंदुओं को सुधार के जरिये सामाजिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना होगा।’
वही सूरीनाम के उपराष्ट्रपति अश्विन अधीन ने कहा ‘हिंदू के तौर पर हम अपना अभियान कभी नहीं भूले। हिंदू हमेशा से त्याग और सेवा के ध्वजवाहक रहे हैं। शांति, सद्भाव और आध्यात्मिकता जैसी बातें आम लोगों को आकर्षित नहीं करतीं। उन्हें इस तरह प्रचारित करना होगा कि लोगों के दिमाग में बैठ जाएं।’
इस मौके पर मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने कहा ‘हिंदुत्व जीवन जीने का तरीका है। उन तरीकों से जीने वाला हर व्यक्ति हिंदू हो सकता है। सहिष्णुता स्वामी विवेकानंद के भाषण का केंद्र बिंदु था। अपने ही देश में शरणार्थी का जीवन जी रहे कश्मीरी पंडित 28 साल से सहिष्णुता का शानदार उदाहरण पेश कर रहे हैं। आधी-अधूरी जानकारी और अज्ञानता के कारण दुनिया के सबसे प्राचीन और शांतिपूर्ण धर्म को खत्म करने की कोशिश होती देख दुख होता है।’
शेर और कुत्ते का उदाहरण
संघ प्रमुख ने कहा, ‘हमें नहीं भूलना चाहिए कि अगर शेर अकेला है, तो कुत्ते उस पर चढ़ाई कर खत्म कर सकते हैं। हम दुनिया को बेहतर बनाना चाहते हैं। लोगों पर हुकूमत करने की हमारी इच्छा नहीं है। हमारा प्रभाव विजय या उपनिवेशवाद का नतीजा नहीं है। मैं भी आधुनिकता का विरोधी नहीं हूं, बल्कि बेहतर भविष्य का समर्थक हूं। हिंदू धर्म प्राचीन और आधुनिकता से बहुत आगे है।’
आम सहमति को स्वीकारने से दुनिया बनेगी टीम
भागवत ने कहा कि अहंकार पर नियंत्रण और आम सहमति को स्वीकार करने से ही पूरी दुनिया को एक टीम बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए भगवान कृष्ण और युधिष्ठर ने कभी एकदूसरे की बात नहीं काटी। राजनीति योग या ध्यान सत्र की तरह नहीं की जा सकती है। अच्छी बात है कि आज हम सभी साथ काम करने की स्थिति में भी हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने एक मिनट मौन रख कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेखक वीएस नायपॉल को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में 250 से ज्यादा वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में आर्थिक, शैक्षणिक, मीडिया, सांगठनिक, राजनीतिक और महिलाओं व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वैश्विक हिंदू समुदाय के मूल्यों, रचनात्मकता और उद्यमिता को प्रदर्शित करने की योजना है।
अरविंद पनगढ़िया भी रहे मौजूद
मोदी सरकार में नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया भी मौजूद रहे। वह कोलंबिया यूनिवर्सिटी से भी जुड़े हैं। हाल में उन्होंने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया था।
विश्व हिंदू कांग्रेस के अध्यक्ष एसपी कोठारी ने कहा ‘विश्व हिंदू कांग्रेस का लक्ष्य लोगोें को प्रबुद्ध व आधुनिक बनाना और सुधार करना है। विश्व हिंदू कांग्रेस दुनिया भर में लोगों को आध्यात्मिकता, सद्भाव और समग्रता के जरिये हिुदू समुदाय के बारे में जागरूक कर रहा है। हिंदुओं को सुधार के जरिये सामाजिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना होगा।’
वही सूरीनाम के उपराष्ट्रपति अश्विन अधीन ने कहा ‘हिंदू के तौर पर हम अपना अभियान कभी नहीं भूले। हिंदू हमेशा से त्याग और सेवा के ध्वजवाहक रहे हैं। शांति, सद्भाव और आध्यात्मिकता जैसी बातें आम लोगों को आकर्षित नहीं करतीं। उन्हें इस तरह प्रचारित करना होगा कि लोगों के दिमाग में बैठ जाएं।’
इस मौके पर मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने कहा ‘हिंदुत्व जीवन जीने का तरीका है। उन तरीकों से जीने वाला हर व्यक्ति हिंदू हो सकता है। सहिष्णुता स्वामी विवेकानंद के भाषण का केंद्र बिंदु था। अपने ही देश में शरणार्थी का जीवन जी रहे कश्मीरी पंडित 28 साल से सहिष्णुता का शानदार उदाहरण पेश कर रहे हैं। आधी-अधूरी जानकारी और अज्ञानता के कारण दुनिया के सबसे प्राचीन और शांतिपूर्ण धर्म को खत्म करने की कोशिश होती देख दुख होता है।’