आरएसएस ने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से आरएसएस ने पूछा है कि वह साफ-साफ बताएं कि वह अपने कहे कौन से शब्द पर कायम हैं। राहुल महात्मा गांधी की हत्या पर दिए बयान को लेकर मानहानि के मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इस पर उन्होंने अदालत में कहा था कि गांधी जी की हत्या पर उन्होंने आरएसएस यानी संगठन नहीं बल्कि उससे संबंधित लोगों को घेरा था। सर्वोच्च न्यायालय में राहुल के इस बयान के बाद माना जा रहा था कि उन्होंने आरएसएस पर नरमी बरती है।
मीडिया में ऐसी खबरें आने पर राहुल ने ट्वीट कर कहा कि वह नरम नहीं पड़े हैं, आरएसएस के खिलाफ उनकी जंग जारी रहेगी, वह अपने कहे हर शब्द पर कायम हैं। राहुल ने 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान का वह वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें वह महात्मा गांधी की हत्या वाला बयान दे रहे हैं।
I will never stop fighting the hateful & divisive agenda of the RSS. I stand by every single word I saidhttps://t.co/bUWzTHrgHW
विज्ञापन विज्ञापन— Office of RG (@OfficeOfRG) August 25, 2016
राहुल के हर शब्द पर कायम रहने की बात पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने उन्हें आड़े हाथों लिया है और पूछा है कि राहुल साफ बताए कि हर शब्द में से कौन से शब्द पर वह कायम हैं।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा कि राहुल कौन से शब्द पर कायम हैं, वह जो उन्होंने अदालत में एफिडेविट में दिए, या वह जो झूठ के तौर उन्होंने जनता के सामने कहे।
'राहुल लिखकर क्यों नहीं देते कि आगे से कभी झूठ नहीं बोलेंगे'
महाराष्ट्र चुनाव के दौरान रैली में अपने कहे शब्दों को लेकर राहुल ने किसी भी तरह का अफसोस जाहिर नहीं करते हुए अदालत में कहा था कि वे आरएसएस को अपराधिक संगठन नहीं ठहरा रहे हैं।
उधर, आरएसएस के वैद्य ने कहा है कि राहुल बिना शर्त अपनी बात पर माफी मांगे। वैद्य ने अंग्रेजी अखबार स्टेट्समैन का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि अखबार ने साल 2000 में अपने एडिटोरियल पेज पर आरएसएस के प्रति आपत्तिजनक और निराधार शब्दों को छापा, जिसके बाद अखबार को अदालत में माफी मांगनी पड़ी थी।
वैद्य ने पूछा कि क्या राहुल गांधी और उनकी पार्टी के लोग सच्चाई का सम्मान नहीं करते हैं? अगर ऐसा है तो वे यह लिखकर क्यों नहीं देते हैं कि आगे से कभी झूठ नहीं बोलेंगे।