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स्कूल ने एक ही बार में मांगी 7 लाख फीस, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

Tue, 19 Jul 2016 01:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 19 Jul 2016 01:22 PM IST
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Rs 7 lakh capitation fee in Hyderabad schools leaves HC gasping
अगर आप लोगों को सुविधा देना चाहते हैं तो इसकी शुरूआत स्कूलों से करनी होगी नाकि कॉलेज से - फोटो : file photo
हैदराबाद के एक निजी स्कूल की तरफ से एक बार में ही एक बच्चे से सात लाख रुपए कैपिटीशन फीस मांगने पर हैदराबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब फीस को नियंत्रित किया जाना चाहिए था। तब लाखों रुपए फीस मांगी जा रही है। 
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हैदराबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश दिलीप बी भोसले और न्यायधीश ए वी शेषा साई ने कहा कि अगर आप लोगों को सुविधा देना चाहते हैं तो इसकी शुरूआत स्कूलों से करनी होगी नाकि कॉलेज से।  
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दोनों न्यायधीशों की पीठ हैदराबाद स्कूल पैरेंटस एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वन टाइम फीस को नियंत्रित करने के लिए एक नियामक तंत्र बनाए जाने की जरूरत है।
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पैरेंटस एसोसिएशन से जुड़ी अधिवक्ता कल्पना एकबोटे ने कहा कि वन टाइम फीस कुछ नहीं है बल्कि कैपिटीशन फीस की जगह इसे नया नाम दे दिया गया है। तेलंगाना सरकार के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि हैदराबाद के करीब 160 स्कूल 50,000 से 3 लाख तक वन टाइम फीस के नाम पर वसूल कर रहे हैं।


आपको बताते चले कि सरकारी आदेश के अनुसार स्कूल इस तरह की फीस इकट्ठा कर सकते हैं। पर यह फीस 6,000 रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती है। कुछ स्कूल एक बार में 7-8 लाख रुपए तक फीस वसूल कर रहें जोकि अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज से भी ज्यादा है।
 
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