बदले जाएंगे सभी नोट, सरकार 1000 का नया नोट भी लाएगी जल्द
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काले धन पर काबू पाने के लिए 500 और 1000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने के बाद सरकार ने कहा है कि पांच-दस रुपये से लेकर सौ रुपये तक के मूल्यों वाले नोट नई सीरीज और नए डिजाइन वाले नोटों में धीरे-धीरे बदले जाएंगे। इसके अलावा 1000 रुपये का नया नोट भी शीघ्र बाजार में आ जाएगा। नोट बदलने का काम शुरू होने के बाद शुक्रवार से एटीएम से भी नए नोट मिलने लगेंगे।
नकल से बचने के लिए सभी नए नोटों में खास कलर, थीम, आकार तथा फीचर के अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान रखे गए हैं। आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में बृहस्पतिवार को उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि 5, 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोटों के लिए नए डिजाइन पर काम चल रहा है। बेहतर सुरक्षा फीचर से लैस इन नोटों को बाजार में धीरे-धीरे उतारा जाएगा।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मूल्यों के वर्तमान नोटों को चलन से बाहर करने की कोई योजना नहीं है और वे पहले की तरह चलते रहेंगे। चलन से हटाए गए नोटों पर उन्होंने कहा कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बदलने के मामले में लोगों को अनावश्यक जल्दबाजी करने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। रिजर्व बैंक ने सभी जगह पर्याप्त मात्रा में नए नोटों की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। इसी सम्मेलन में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि सरकार कुछ महीनों में ही नए फीचर वाला 1000 रुपये का भी नया नोट बाजार में लाएगी।
पुराने नोट जमा करने के लिए अफरा तफरी मचाने की जरूरत नहीं है
500 और 1000 के नोटों का चलन खत्म करने से कालेधन पर नकेल कैसे लगेगी, इस बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि इसके लिए हमारी यही एकमात्र पहल नहीं है, इस दिशा में हमने जीएसटी लागू करने सहित कई अहम फैसले किए हैं। उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर बड़े नोट निष्क्रिय हैं और इस कारण बाजार में मुद्रा की किल्लत महसूस हो रही थी। जीएसटी लागू होने के बाद कर चोरी पर भी लगाम लगेगी और प्रभावी प्रणाली शुरू होगी। आपको प्रत्यक्ष कर दर का भी औचित्य समझ में आ जाएगा।’
बैंकों में लगी लंबी कतारों की खबरों पर जेटली ने कहा कि पुराने नोट जमा करने के लिए अफरा तफरी मचाने की जरूरत नहीं है, लोगों के पास पर्याप्त समय है। लेकिन जो लोग बड़ी और बेहिसाब राशि जमा करने जा रहे हैं, उनके खिलाफ आयकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों को 200 प्रतिशत पेनाल्टी भी लग सकती है।
आयकर विभाग छोटी राशियां जमा करने वालों पर ध्यान नहीं दे रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार पिछली सरकार से सबक लेते हुए मजबूती से फैसले कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कोयला खदान और स्पैक्ट्रम नीलामी से लेकर तमाम महत्वपूर्ण फैसलों का अध्ययन करने के बाद ही हम नए फैसले ले रहे हैं।