रिया चक्रवर्ती केस में एनसीबी की हालत 'सीबीआई बंदी तोता' जैसी तो नहीं हुई
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रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद कानून के जानकारों ने अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सीए सुंदरम ने एनसीबी को सलाह दी है कि उसे बड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। क्या यह जमानत आदेश जांच एजेंसियों के लिए एक वेक अप कॉल है।
टीवी चैनल पर एक बहस में सुंदरम ने कहा, मुझे यह कहते हुए बहुत खेद हो रहा है, लेकिन ये कोई नई बात नहीं है। ध्यान रहे, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बंदी तोता कहा था। दूसरी ओर एनसीबी ने कहा है कि ड्रग मामले में दोबारा से रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी नहीं होगी। हालांकि जांच एजेंसी ने 'ड्रग सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य' होने की बात को लेकर कुछ नहीं कहा।
रिया चक्रवर्ती को एक महीने के बाद जमानत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी है, क्योंकि उसके खिलाफ ड्रग फाइनेंसिंग सहित कई गंभीर आरोप लगे हैं। रिया का भाई शोविक चक्रवर्ती अभी जेल में है। उसकी जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। रिया के वकील सतीश मनेशिंदे का कहना था, मुंबई पुलिस को रिया के खिलाफ कुछ नहीं पता चला। इस केस की जांच में पटना पुलिस को शामिल करने की मांग उठी। बाद में सीबीआई, ईडी और एनसीबी इस मामले की जांच में शामिल हो गई। किस एजेंसी ने अभी तक क्या नया खोजा है, वह सबके सामने है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने कहा, यह वास्तव में एनसीबी के चेहरे पर एक थप्पड़ है। किसी जमानत आदेश में इस तरह की डिटेलिंग में जाना कोर्ट के लिए चरम है। रिया ने सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स की खरीद की, लेकिन वह आपूर्तिकर्ता तो नहीं थी। एनसीबी के पूर्व प्रमुख बीवी कुमार ने कहा, यह एक उत्कृष्ट आदेश है।
संभवतः रिया ने सुशांत के लिए ड्रग्स की खरीद की, ताकि वह सामान्य स्थिति में लौट सकें। यह वित्तपोषण का मामला नहीं बनता।ऐसा भी नहीं है कि उसने आर्थिक लाभ के लिए ऐसा किया था।एनसीबी कहीं से दबाव में लग रही थी।एजेंसी की जांच तथ्यों से बहुत दूर जाती हुई दिखी।यदि जांच एजेंसी के अधिकारियों ने घृणित तरीके से कार्रवाई की है, तो उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है।
एनसीबी ने रिया पर 'ड्रग सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य' होने का आरोप लगाया था...
हाईकोर्ट ने अपने जमानत आदेश में एजेंसी के उन दावों का यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि रिया चक्रवर्ती ड्रग डीलरों की श्रृंखला का हिस्सा नहीं थी।अदालत ने कहा कि ड्रग्स कॉमर्शियल मात्रा में नहीं मिली है। यदि रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स की खरीद में पैसा खर्च किया था तो उसका मतलब यह नहीं है कि वह ड्रग कारोबार का हिस्सा थी। किसी विशेष लेन-देन या अन्य लेन-देन के लिए धन मुहैया कराना उस गतिविधि की फाइनेंसिंग नहीं मानी जा सकती। ड्रग्स की मात्रा बहुत कम थी। यह उतनी नहीं थी कि जिसके बलबूते ड्रग का कारोबार किया जा सके।
कोर्ट ने जमानत देते वक्त कहा, यह देखना भी जरूरी है कि आरोपी के पहले रिमांड पर भी जांच एजेंसी ने उसके लिए हिरासत नही मांगी थी। इसका मतलब है कि जांच एजेंसी, रिया चक्रवर्ती से की गई पूछताछ के बाद संतुष्ट है।अब जांच एजेंसी के लिए यह एक चुनौती होगी कि वह अदालत में रिया को 'ड्रग सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य' कैसे साबित कर पाती है।