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Ripudaman Singh: कनिष्क विमान धमाके में लिप्तता कुबूलने के बाद मुकर गया था रिपुदमन मलिक
Sat, 16 Jul 2022 05:30 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 16 Jul 2022 05:30 AM IST
सार
वह कई ऐसी गतिविधियों में शामिल था, जिनके चलते उसकी कई लोगों से प्रतिद्वंद्विता थी। मलिक को 329 लोगों की जान लेने वाले कनिष्क ब्लास्ट केस से 2005 में बरी किया गया था।
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रिपुदमन सिंह मलिक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एयर इंडिया के कनिष्क विमान में 1985 में हुए धमाके की जांच के प्रभारी तत्कालीन आरसीएमपी डिप्टी कमिश्नर गैरी बास के मुताबिक, एक बार तो रिपुदमन सिंह मलिक ने विमान धमाके में अपनी लिप्तता कुबूल कर ली थी लेकिन बाद में वह मुकर गया। जांच में उन्होंने पाया कि उसने अपने कई शत्रु बना लिए थे।
वह कई ऐसी गतिविधियों में शामिल था, जिनके चलते उसकी कई लोगों से प्रतिद्वंद्विता थी। मलिक को 329 लोगों की जान लेने वाले कनिष्क ब्लास्ट केस से 2005 में बरी किया गया। बास बताते हैं, उन्होंने तब मलिक से 7 घंटे लगातार पूछताछ की। इस दौरान मलिक का बर्ताव उजड्ड जैसा था। उसने पगड़ी उतारी और मेज पर पैर रखकर बैठ गया।
हाल ही में मलिक भारत गया, मोदी की नीतियों का समर्थन भी किया
हत्याकांड की जांच के दौरान ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर उज्जवल दोसांझ ने कहा, मलिक हाल में भारत गया, जहां उसने पीएम नरेंद्र मोदी तथा उनकी नीतियों के पक्ष में एक पत्र लिखा। उसने मोदी सरकार के सिखों के लिए उठाए गए कदमों पर आभार भी जताया था। ऐसे में हत्याकांड की जांच इस पर भी चल रही है कि कहीं उसके विरोधियों ने तो कांड नहीं किया।
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वह कई ऐसी गतिविधियों में शामिल था, जिनके चलते उसकी कई लोगों से प्रतिद्वंद्विता थी। मलिक को 329 लोगों की जान लेने वाले कनिष्क ब्लास्ट केस से 2005 में बरी किया गया। बास बताते हैं, उन्होंने तब मलिक से 7 घंटे लगातार पूछताछ की। इस दौरान मलिक का बर्ताव उजड्ड जैसा था। उसने पगड़ी उतारी और मेज पर पैर रखकर बैठ गया।
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हाल ही में मलिक भारत गया, मोदी की नीतियों का समर्थन भी किया
हत्याकांड की जांच के दौरान ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर उज्जवल दोसांझ ने कहा, मलिक हाल में भारत गया, जहां उसने पीएम नरेंद्र मोदी तथा उनकी नीतियों के पक्ष में एक पत्र लिखा। उसने मोदी सरकार के सिखों के लिए उठाए गए कदमों पर आभार भी जताया था। ऐसे में हत्याकांड की जांच इस पर भी चल रही है कि कहीं उसके विरोधियों ने तो कांड नहीं किया।
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- 329 की हुई थी मौत:1985 में एयर इंडिया विमान में आयरलैंड के आसमान में हुए धमाके में 24 भारतीयों समेत 329 लोग मारे गए थे।
- मलिक के बेटे जसप्रीत मलिक के सोशल मीडिया पर लिखा, मैं दुआ करता हूं कि आज की इस वारदात का उससे कोई लेनादेना ना हो।