{"_id":"5b1f01794f1c1b6d4d8b5ec8","slug":"rbi-to-raise-30-35-billion-dollar-from-nri-bonds","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआरआई बांड से 30-35 अरब डॉलर जुटाएगा भारतीय रिजर्व बैंक","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
एनआरआई बांड से 30-35 अरब डॉलर जुटाएगा भारतीय रिजर्व बैंक
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jun 2018 04:40 AM IST
विज्ञापन
RBI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) तेल की उच्च कीमतों के बीच रुपये को मजबूती देने तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) के प्रवाह में आई सुस्ती से निपटने के लिए एनआरआई बांड के जरिये 30-35 अरब डॉलर जुटाएगा। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी कंपनियों के एमएससीआई जैसे वैश्विक बेंचमार्क सूचकांकों में सूचीबद्ध होने से भारत में एफपीआई निवेश प्रभावित होगा। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंचमार्क सूचकांकों में सूचीबद्ध होने से साल 2019 तक 100 अरब डॉलर चीनी बाजार में स्थानांतरित होगा।
बोफाएमएल ने एक शोध पत्र में बताया कि हमारे चीनी रणनीतिकारों का अनुमान है कि बेंचमार्क सूचकांकों में संभावित तौर पर सूचीबद्ध होने से साल 2019 के अंत तक 100 अरब डॉलर तक चीनी बाजार में स्थानांतरित होंगे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आम चुनाव के चलते राजनीतिक अनिश्चितता के बीच भारत में एफपीआई इक्विटी प्रवाह में सुस्ती आ सकती है। हमें विश्वास है कि तेल की उच्च कीमतों के बीच एफपीआई निवेश में आई सुस्ती से निपटने के लिए आरबीआई 30-35 अरब डॉलर जुटाने के लिए एनआरआई बांड का चौथा अंश जारी कर सकता है। एजेंसी
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी कंपनियों के एमएससीआई जैसे वैश्विक बेंचमार्क सूचकांकों में सूचीबद्ध होने से भारत में एफपीआई निवेश प्रभावित होगा। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंचमार्क सूचकांकों में सूचीबद्ध होने से साल 2019 तक 100 अरब डॉलर चीनी बाजार में स्थानांतरित होगा।
विज्ञापन
बोफाएमएल ने एक शोध पत्र में बताया कि हमारे चीनी रणनीतिकारों का अनुमान है कि बेंचमार्क सूचकांकों में संभावित तौर पर सूचीबद्ध होने से साल 2019 के अंत तक 100 अरब डॉलर तक चीनी बाजार में स्थानांतरित होंगे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आम चुनाव के चलते राजनीतिक अनिश्चितता के बीच भारत में एफपीआई इक्विटी प्रवाह में सुस्ती आ सकती है। हमें विश्वास है कि तेल की उच्च कीमतों के बीच एफपीआई निवेश में आई सुस्ती से निपटने के लिए आरबीआई 30-35 अरब डॉलर जुटाने के लिए एनआरआई बांड का चौथा अंश जारी कर सकता है। एजेंसी