{"_id":"5947fc8b4f1c1b33798b464d","slug":"rammandir-ayodhya-vishav-hindu-parishad-ramsevakpuram-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम मंदिर निर्माण की तैयारी में फिर तेजी, अयोध्या पहुंचे पत्थर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राम मंदिर निर्माण की तैयारी में फिर तेजी, अयोध्या पहुंचे पत्थर
अमर उजाला ब्यूरो/ अयोध्या
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:09 PM IST
विज्ञापन
राम मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व हिंदू परिषद राम मंदिर निर्माण की मुहिम को धार देने की तैयारी में जुट गई है। मंदिर निर्माण के लिए रामनगरी अयोध्या में राजस्थान के वंशी पहाड़ से पत्थरों की खेप का आगमन शुरू हो चुकी है। सोमवार को रामसेवकपुरम् की कार्यशाला में पहुंचे दो ट्रक पत्थरों की खेप ने राम मंदिर निर्माण मामले को लेकर हलचल मचा दी है।
विज्ञापन
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही रामनगरी में पत्थरों की खेप का आगमन भी शुरू हो चुका है, तो वहीं विश्व हिंदू परिषद भी इसको लेकर उत्साहित नजर आ रहा है। दो ट्रकों में कुल 130 टन पत्थर सोमवार की सुबह अयोध्या लाया गया। रामसेवकपुरम् अयोध्या की कार्यशाला में मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशी का काम डेढ़ दशक से चल रहा है।
विज्ञापन
सितंबर 1990 से ही रामनगरी में पत्थर आते रहे हैं लेकिन अखिलेश सरकार ने विधिक कार्यवाही पूर्ण करने के बाद भी फार्र्म 32 पर रोक लगा दी थी जिससे पत्थरों का आपूर्ति रुक गयी थी। मगर अब विभाग से फार्म मिलने के बाद पत्थरों की आपूर्ति पुन: शुरू की गई है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने कहा कि रामसेवकपुरम् में दो ट्रकों में पत्थर वैधानिक तरीके से वाणिज्य कर विभाग से प्रक्रिया पूरी करके लाया गया है। इस पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी। डीएम ने वाणिज्य कर अफसरों से इस बाबत बुलाकर बात की तो, पत्थर लाने की प्रक्रिया को नियमानुसार बताया गया है।
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा 'पत्थरों का आना स्वाभाविक प्रक्रिया है। जब मंदिर बनेगा तो पत्थर आयेंगे ही। पिछली सरकार ने वर्ग विशेष को तुष्ट करने के लिए पत्थरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी।' बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा 'पत्थर लाकर राजनीति चमकाना इनका धंधा है, हमारे इलाके में पत्थर लेकर आएं तो बताऊंगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी तो आवाज उठाऊंगा। पत्थर आने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।'
गर्भगृह के लिए पत्थर तराशी का काम पूरा
अयोध्या। विवादित गर्भगृह पर राम मंदिर निर्माण के लिए रामघाट इलाके में 30 अगस्त 1990 को भूमि पूजन कर कार्यशाला खोली गई और उसी दिन से यहां पत्थर तराशी का काम शुरू कर दिया गया। इसी के साथ तीन कार्यशालाएं राजस्थान में शुरू की गई थीं।
राम मंदिर निर्माण के लिए तैयार हो रहे पत्थरों की कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा का कहना है कि अभी तक 75 हजार घनफीट पत्थरों की तराशी का काम हो चुका है, मंदिर निर्माण के लिए एक लाख 75 हजार घनफीट पत्थरों की तराशी होना है। मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित राम मंदिर का सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, कोली गर्भगृह के लिए पत्थर तरासी का काम लगभग पूरा हो गया है।