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पतंजलि के विज्ञापन में क्रॉस के इस्तेमाल से ईसाई समाज की भावनाएं आहत
राजेश चतुर्वेदी, भोपाल
Updated Thu, 18 Aug 2016 03:42 AM IST
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ईसाई समाज ने बाबा रामदेव पर ईसाईयों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। दरअसल इन दिनों टीवी के विभिन्न चैनलों पर दिखाए जा रहे पतंजलि के एक विज्ञापन में ईसाई धर्म के पवित्र चिन्ह क्रॉस का इस्तेमाल किया जा रहा है। भोपाल के आर्क बिशप ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि क्रॉस हमारे लिए पवित्र होता है। अपने उत्पादों के बेचने के लिए पतंजलि ने विज्ञापनों में इसका इस्तेमाल कर हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
गौरतलब है कि पतंजलि के विज्ञापन में ईस्ट इंडिया कंपनी के जिक्र के साथ क्रॉस को भी दिखाया जा रहा है। इसमें एक वॉइस ओवर है, जिसमें कहा गया है कि विदेशी कंपनियां हमारे देश के लिए खतरनाक हैं। आर्क बिशप फादर लियो कार्नेलियो ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा कि व्यापार में धार्मिक चिन्हों का इस्तेमाल ठीक नहीं है। ईसाई समाज सहिष्णुता में भरोसा करता है, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव एक कारोबारी हैं और धार्मिक चोले में अपने उत्पादों को बेचने का उनका यह आचरण लोगों को गुमराह करने वाला है।
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गौरतलब है कि पतंजलि के विज्ञापन में ईस्ट इंडिया कंपनी के जिक्र के साथ क्रॉस को भी दिखाया जा रहा है। इसमें एक वॉइस ओवर है, जिसमें कहा गया है कि विदेशी कंपनियां हमारे देश के लिए खतरनाक हैं। आर्क बिशप फादर लियो कार्नेलियो ने अमर उजाला से चर्चा करते हुए कहा कि व्यापार में धार्मिक चिन्हों का इस्तेमाल ठीक नहीं है। ईसाई समाज सहिष्णुता में भरोसा करता है, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव एक कारोबारी हैं और धार्मिक चोले में अपने उत्पादों को बेचने का उनका यह आचरण लोगों को गुमराह करने वाला है।
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